संकट की घड़ी में नेपाल के साथ भारत सतपाल महाराज ने राजदूत से की मुलाकात
नेपाल आपदा के बीच भारत का बड़ा संदेश
देहरादून: नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास पहुंचकर नेपाल के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा से मुलाकात की। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड समेत पूरा भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
भारत हर संभव सहायता देने को तैयार
सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार नेपाल को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी के रिश्ते और गहरे सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल पड़ोसी देशों जैसे नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी बेहद मजबूत हैं। नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान में भारत पहले ही सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत की ओर से राहत सामग्री, दवाएं और बचाव दल नेपाल भेजे गए हैं। 2 सितंबर को भारत ने पांचवीं राहत उड़ान भी भेजी, जिसमें 11 सदस्यीय बचाव दल और पांच टन से अधिक आवश्यक दवाएं शामिल थीं।
राहत कोष के लिए दी सहायता राशि
मुलाकात के दौरान सतपाल महाराज ने मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से 6.26 लाख भारतीय रुपये का चेक नेपाल सरकार के प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष के लिए कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा को सौंपा। यह सहायता राहत, बचाव और दीर्घकालीन पुनर्वास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने नेपाली दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए।
लैंड पोर्ट से बढ़ेगा दोनों देशों का संपर्क
महाराज ने भारत-नेपाल संबंधों से जुड़े विकास कार्यों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि महेंद्रनगर और बनबसा के बीच प्रस्तावित लैंड पोर्ट के निर्माण से जुड़ी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। इसके बनने से दोनों देशों के बीच आवागमन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सतपाल महाराज ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में भारत नेपाल के लोगों के साथ है और राहत से लेकर पुनर्वास तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। वहीं नेपाली पक्ष ने संकट के समय भारत से मिल रहे सहयोग और संवेदना के लिए आभार जताया।