छोटे कारोबारियों के लिए वरदान बनी पीएम स्वनिधि योजना
देहरादून में स्वरोजगार को बढ़ावा
देहरादून: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका कमाने वाले छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के जरिए हजारों स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन्हें अपना व्यवसाय जारी रखने और उसका विस्तार करने में मदद मिल रही है।
योजना के तहत 6814 स्ट्रीट वेंडर्स के लाभान्वित होने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। नगर निगम से संबंधित हालिया प्रकाशित आंकड़ों में 6807 वेंडर्स को कुल 11.61 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों के अनुसार, 8096 पात्र आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6886 ऋण स्वीकृत किए गए। वहीं, 4068 लाभार्थियों ने अपना ऋण चुका दिया है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत 1 जून 2020 को कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट का सामना कर रहे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की सहायता के उद्देश्य से की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें साहूकारों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेने की मजबूरी से राहत दिलाना है।
योजना के पुनर्गठित स्वरूप में पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहली किस्त में अधिकतम 15 हजार रुपये, दूसरी में 25 हजार रुपये और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। अगले चरण का ऋण मिलने के लिए पहले लिए गए ऋण का निर्धारित शर्तों के अनुसार भुगतान करना आवश्यक है। इस आर्थिक सहायता का उपयोग सब्जी, फल, चाय, नाश्ता, कपड़े और अन्य छोटी वस्तुओं की बिक्री करने वाले व्यवसायी अपनी दुकान में सामान बढ़ाने, उपकरण खरीदने तथा कारोबार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। इसके अतिरिक्त डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे छोटे दुकानदारों को नकद लेनदेन के साथ डिजिटल भुगतान अपनाने में भी मदद मिल रही है। हालांकि, देहरादून में स्ट्रीट वेंडर्स के सामने व्यवस्थित वेंडिंग जोन की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। सड़क किनारे कारोबार करने वाले कुछ विक्रेताओं को अतिक्रमण हटाने के अभियानों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक सहायता के साथ सुरक्षित और निर्धारित व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी सामने आई है।
पीएम स्वनिधि योजना छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यदि ऋण वितरण के साथ वेंडिंग जोन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए, तो हजारों परिवारों को स्थायी स्वरोजगार और बेहतर आजीविका का अवसर मिल सकता है।