रांची में तीन नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी, ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से निपटने के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी की जा रही है। नगर विकास विभाग ने शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सुनियोजित विकास के उद्देश्य से इन परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार बिरसा चौक से तुपुदाना चौक, कटहल मोड़ से दलादिली चौक और लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर विकसित करने की योजना है।
इन तीनों परियोजनाओं को राजधानी के उन इलाकों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है, जहां व्यस्त समय में वाहनों का दबाव अधिक रहता है। शहर के विस्तार और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में नए फ्लाईओवर के जरिए मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
पहला फ्लाईओवर बिरसा चौक से तुपुदाना चौक की दिशा में टेंडर हार्ट स्कूल के निकट तक प्रस्तावित है। बिरसा चौक राजधानी के महत्वपूर्ण यातायात केंद्रों में से एक है। इस मार्ग से रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। तुपुदाना की ओर जाने वाले मार्ग पर भी आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है। प्रस्तावित फ्लाईओवर बनने से इस मार्ग पर वाहनों को निर्बाध आवागमन का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
दूसरा फ्लाईओवर कटहल मोड़ से दलादिली चौक के बीच प्रस्तावित किया गया है। राजधानी के इस हिस्से में हाल के वर्षों में तेजी से आवासीय विस्तार हुआ है। आसपास नई कॉलोनियां और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से मुख्य सड़क पर वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। सुबह और शाम के समय इस क्षेत्र में यातायात का दबाव अधिक दिखाई देता है। फ्लाईओवर बनने से मुख्य चौराहों पर वाहनों के रुकने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
तीसरी और महत्वपूर्ण परियोजना लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर की है। यह इलाका रांची के सबसे व्यस्त हिस्सों में शामिल है। लालपुर, डंगराटोली और फिरायालाल चौक के आसपास बाजार, शिक्षण संस्थान, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के कारण दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। खासकर पीक ऑवर में इन क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर की अवधारणा के तहत अलग-अलग व्यस्त हिस्सों के ट्रैफिक को एक व्यवस्थित एलिवेटेड नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि परियोजना की अंतिम डिजाइन, लंबाई, लेन की संख्या, प्रवेश और निकास बिंदुओं समेत तकनीकी विवरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और अंतिम स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होंगे।
तीन नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव रांची के सड़क नेटवर्क में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर में पहले से भी कई सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं पर काम किया गया है। बढ़ती आबादी और शहर के बाहरी इलाकों तक हो रहे विस्तार के कारण अब नए ट्रैफिक कॉरिडोर विकसित करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
फ्लाईओवर बनने से केवल जाम कम करना ही लक्ष्य नहीं होगा, बल्कि प्रमुख सड़कों पर यात्रा का समय घटाने की कोशिश भी की जाएगी। लंबे समय तक ट्रैफिक में फंसे रहने से ईंधन की खपत बढ़ती है और प्रदूषण पर भी असर पड़ता है। यदि प्रस्तावित फ्लाईओवर से यातायात का प्रवाह बेहतर होता है तो वाहन चालकों को समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकती है।
नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जाने के बाद परियोजनाओं के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फ्लाईओवर निर्माण से पहले संबंधित क्षेत्रों का सर्वेक्षण, ट्रैफिक अध्ययन और जमीन की उपलब्धता जैसे पहलुओं का आकलन जरूरी होगा। इसके साथ ही निर्माण के दौरान मौजूदा यातायात को किस तरह संचालित किया जाएगा, इसकी योजना भी महत्वपूर्ण होगी।
विशेष रूप से लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली जैसे घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यहां फ्लाईओवर की डिजाइन तैयार करते समय सड़क की उपलब्ध चौड़ाई, स्थानीय यातायात, पैदल यात्रियों की आवाजाही और आसपास की इमारतों सहित कई पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।
इसी तरह बिरसा चौक से तुपुदाना और कटहल मोड़ से दलादिली चौक वाले मार्गों पर भविष्य में बढ़ने वाले यातायात का भी आकलन किया जाएगा। शहर के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए इन मार्गों पर आने वाले वर्षों में वाहनों का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में परियोजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना अहम होगा।
हालांकि फिलहाल इन तीनों फ्लाईओवर के निर्माण की लागत, लंबाई और निर्माण पूरा करने की समयसीमा की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रस्ताव से आगे बढ़कर अंतिम मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए अभी निर्माण शुरू होने या पूरा होने की कोई निश्चित तारीख बताना जल्दबाजी होगी।
राजधानी में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और चौराहों के पुनर्विकास जैसे विकल्पों पर लगातार काम किया जा रहा है। तीन नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव इसी व्यापक योजना का हिस्सा है। यदि परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलती है और निर्माण पूरा होता है तो बिरसा चौक-तुपुदाना, कटहल मोड़-दलादिली और लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली मार्गों पर रोजाना सफर करने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।