Uttarakhand उत्तराखंड : सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति तवाघाट–सोबला दर मार्ग पर देखने को मिली है, जहां मलबा आने के कारण यह मुख्य सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। इस मार्ग के बंद होने से दारमा घाटी का चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इससे सामरिक और स्थानीय दोनों स्तरों पर चिंता बढ़ गई है।
तवाघाट–सोबला–तिदांग मार्ग के बंद होने से तल्ला दारमा और मल्ला दारमा क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क भी कट गया है। इन गांवों में रहने वाले लोगों को आवश्यक वस्तुओं और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप की ओर गए कई पर्यटक भी रास्ता बंद होने के कारण फंस गए हैं। पर्यटकों के सुरक्षित होने की जानकारी तो मिल रही है, लेकिन मार्ग बाधित होने से उनकी वापसी प्रभावित हो रही है। प्रशासन और बीआरओ (बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन) की टीमें मार्ग खोलने में लगातार जुटी हुई हैं।
बीआरओ द्वारा मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत और पुनर्स्थापना कार्य में बाधाएं आ रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जिससे काम की गति धीमी हो गई है।
वहीं दूसरी ओर थल–सातशिलिंग मोटर मार्ग पर भी स्थिति खराब बनी हुई है। यहां चल रहे निर्माण कार्यों में कथित लापरवाही और बारिश के प्रभाव के कारण सड़क की हालत और बिगड़ती जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क संपर्क बहाल करने की मांग की है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पिथौरागढ़ में बारिश और भूस्खलन ने सामान्य जीवन पर गंभीर असर डाला है और प्रशासन की प्राथमिकता बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलकर संपर्क बहाल करने की है।