उत्तराखंड कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित

Update: 2026-08-07 04:07 GMT

देहरादून। लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गठित नई टीम में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर व्यापक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। गुरुवार देर रात पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची में 24 उपाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 सचिवों के नाम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित पार्टी के 41 वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश कार्यकारी समिति का सदस्य बनाया गया है।

नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही पिछले कई महीनों से चल रहा इंतजार समाप्त हो गया। गणेश गोदियाल ने पिछले वर्ष नवंबर में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व संभाला था। इसके बाद से संगठन के विभिन्न स्तरों पर नई टीम के गठन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजरें लंबे समय से इस सूची पर टिकी थीं। अब कार्यकारिणी के गठन के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

घोषित कार्यकारिणी में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और संगठन के अनुभवी तथा सक्रिय नेताओं को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संतुलित और व्यापक भागीदारी वाली टीम संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई कार्यकारिणी में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ अपेक्षाकृत युवा और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारियां देकर संगठन में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को प्रदेश कार्यकारी समिति में शामिल किया गया है। उनके अलावा पार्टी के 41 वरिष्ठ नेताओं को भी कार्यकारी समिति का सदस्य बनाया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक समझ का लाभ कांग्रेस को भविष्य की रणनीति तैयार करने में मिलेगा। कार्यकारी समिति प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों और संगठनात्मक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाती है।

नई कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी गोदावरी थापली को सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष का पद संगठन की वित्तीय व्यवस्था, संसाधनों के प्रबंधन और पार्टी की आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पार्टी नेतृत्व ने इस जिम्मेदारी के लिए अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

कार्यकारिणी में 24 उपाध्यक्षों की नियुक्ति संगठन के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने और प्रदेश अध्यक्ष की सहायता के उद्देश्य से की गई है। वहीं 36 महासचिवों को अलग-अलग संगठनात्मक दायित्व सौंपे जाने की संभावना है। इसके अलावा 107 सचिवों की नियुक्ति के माध्यम से कांग्रेस ने जिला और क्षेत्रीय स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने की रणनीति अपनाई है। बड़ी संख्या में सचिव बनाए जाने का उद्देश्य संगठन की पहुंच को अधिक व्यापक बनाना और प्रत्येक क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करना माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए संगठन को मजबूत करना आगामी चुनावी तैयारियों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी लगातार संगठनात्मक पुनर्गठन और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजरती रही है। ऐसे में नई कार्यकारिणी से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने और संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि नई टीम प्रदेश के सभी जिलों में संगठन को सक्रिय करेगी, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाएगी और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच उठाएगी। इसके साथ ही सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर और विभिन्न राजनीतिक अभियानों को गति देने की जिम्मेदारी भी नई कार्यकारिणी पर होगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कार्यकारिणी के गठन में संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया है। हालांकि, कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी, क्योंकि बड़े संगठनात्मक फेरबदल के बाद असंतोष की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

नई कार्यकारिणी के गठन के साथ उत्तराखंड कांग्रेस अब संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने की तैयारी में जुट जाएगी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नई टीम संगठन को मजबूत आधार प्रदान करेगी और प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक सक्रियता को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में नई कार्यकारिणी की कार्यशैली और संगठनात्मक प्रदर्शन पर पार्टी के भविष्य की रणनीति काफी हद तक निर्भर करेगी।

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