देहरादून, 14 जुलाई। उत्तराखंड में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने और इसे स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने के लिए राज्य सरकार नई ट्रेकिंग नीति लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में नई ट्रेकिंग नीति को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीति का प्रस्ताव तैयार कर अगले महीने कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि पर्यटन गतिविधियों को इस तरह विकसित किया जाए, जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिल सके।
बैठक में ट्रेकिंग गतिविधियों को व्यवस्थित करने और नए ट्रेकिंग रूट विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई चोटियों और ट्रेकिंग स्थलों को खोलने के लिए जरूरी अनुमति और मंजूरी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिह्नित चोटियों का ऑडिट कार्य तेजी से पूरा करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की जाएगी।
नई नीति के तहत पर्वतारोहण, ट्रेकिंग गतिविधियों और पर्यटक स्थलों की बुकिंग व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी है। मुख्य सचिव ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और क्षमता से अधिक बुकिंग पर भी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल बुकिंग सिस्टम से ट्रेकिंग स्थलों पर भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में जबरखेत मॉडल की तर्ज पर राज्य में विकसित किए जा रहे नौ ईको टूरिज्म स्थलों को अक्टूबर तक जनता के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया गया। इन स्थलों पर पर्यटकों को प्रकृति के करीब अनुभव देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की योजना है।
मुख्य सचिव ने वन विश्राम गृहों, ईको कैंप और ट्रेकिंग हब के संचालन को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनकी जिम्मेदारी वन विभाग या वन विकास निगम में से किसी एक संस्था को दी जानी चाहिए। इसके लिए एक महीने के भीतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
राज्य में चिह्नित 31 ट्रेकिंग स्थलों और ईको कैंप हब को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए विशेष कोर्स शुरू किए जाएंगे, ताकि युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार मिल सके।
उत्तराखंड सरकार का मानना है कि नई ट्रेकिंग नीति से राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी।
नई नीति लागू होने के बाद उत्तराखंड देश के प्रमुख ईको टूरिज्म और ट्रेकिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। सरकार अब नीति को जल्द कैबिनेट में लाने की तैयारी में जुटी है।