कुत्तों की सुरक्षा और देखभाल पर फोकस हरिद्वार में शुरू होगा नया प्रोजेक्ट
हरिद्वार: शहर में बेसहारा और निराश्रित कुत्तों की सुरक्षा और देखभाल के लिए अब एक नया शेल्टर होम बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1.05 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। यह शेल्टर नगर निगम हरिद्वार के सराय स्थित एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर परिसर में बनाया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत करीब 1.75 करोड़ रुपये रखी गई है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 1.05 करोड़ रुपये नगर निगम हरिद्वार को उपलब्ध कराए जाएंगे। शेष राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी की जाएगी।
बेसहारा कुत्तों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना
हरिद्वार में लंबे समय से बेसहारा कुत्तों की देखभाल और उनके प्रबंधन को लेकर चुनौती बनी हुई थी। शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या के कारण लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशु कल्याण का मुद्दा भी सामने आता रहा है। नए शेल्टर होम के बनने के बाद घायल, बीमार और देखभाल की जरूरत वाले कुत्तों को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। इस शेल्टर में कुत्तों के रहने, उपचार, देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम संभालेगा संचालन की जिम्मेदारी
शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार शेल्टर निर्माण की जिम्मेदारी नगर निगम हरिद्वार की होगी। निर्माण कार्य को तय समय सीमा और स्वीकृत लागत के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद शेल्टर की सुरक्षा, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी नगर निगम को ही संभालनी होगी। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच और कार्य की निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
शहर की समस्या का समाधान करने की कोशिश
हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं और कुत्तों के बेहतर प्रबंधन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। डॉग शेल्टर बनने से जहां एक ओर बेसहारा कुत्तों को संरक्षण मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहर में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पशु कल्याण को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों को हटाना नहीं बल्कि उनकी देखभाल, नसबंदी, टीकाकरण और उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शेल्टर होम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पशुओं के लिए बेहतर प्रबंधन व्यवस्था होने से मानव-पशु संघर्ष की स्थिति को भी कम किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय निकायों, पशु चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। हरिद्वार में बनने वाला यह शेल्टर होम शहर में पशु कल्याण और नागरिक सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो सकता है।