मनोज आर्या,रुद्रपुर। खानाबदोश की जिंदगी जीने वाले हत्यारोपी राज ने वर्षों पुराने एक तरफा प्यार को क्रूरता के साथ अंजाम दिया। इसका इल्म खुद मृतका और उसके पति को नहीं था। बताया जा रहा है कि जब हत्यारोपी ने वर्षों के इंतजार के बाद जब मृतका को मोबाइल व गुलदस्ता भेजा तो उसने यह तोहफा ठुकरा दिया। बस क्या था उसी दिन से हत्यारोपी राज ने दंपत्ति को रास्ते से हटाने की पटकथा लिख डाली।
खुलासा में बताया कि रात उर्फ जगदीश वर्ष 2013 से वर्ष 2019 तक वह मृतका सोनाली मंडल के घर के सामने किराये के मकान में रहता था। इस दौरान उसकी पड़ोसी होने के नाते मुलाकात सोनाली मंडल से हुई और मामूली बातचीत में ही हत्यारोपी उसे मन ही मन एक तरफा प्यार करने लगा। मगर खानाबदेाश की जिंदगी जीने वाला रा ज वर्ष 2019 को दिल्ली मजदूरी करने चला गया और कोविडकाल आने के कारण वह पुन: वार्ड-सात में आकर रहने लगा।
बताया जा रहा है कि कुछ माह तक वह कभी मंदिर में या फिर रैन बसेरा में जाकर रहता था। मगर जब उसे पता चला कि सोनाली अभी उसी घर में रहती है और तो एक बार फिर हत्यारोपी की विकृत मानसिकता में एक तरफा प्यार का जुनून सवार हो गया और वर्ष 2022 से लेकर 202 3 के जुलाई माह तक वह सोनाली के घर से कुछ ही दूरी पर किराए पर रहने लगा।
एक तरफा प्यार को साकार करने के लिए हत्यारोपी ने जून में सोनाली के घर मोबाइल और गुलदस्ता देकर प्यार का प्रस्ताव भेजा। जब यह दुस्साहिक हरकत सोनाली को पता चली तो उसने उसके प्रस्ताव को कोई तवज्जों नहीं देते हुए ठुकरा दिया। इससे उसने बदला लेने की ठान ली। 1 अगस्त को बाजार से धारदार चापड़ खरीदा और 2 अगस्त की रात दो बजे दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे डाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस प्रकार हत्यारे ने सोनाली के पति को एक ही वार में मौत के घाट उतार दिया था।