देहरादून: भारत और नेपाल ने सीमा सुरक्षा, बेहतर सीमा प्रबंधन और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति जताई है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच देहरादून में हुई दो दिवसीय संयुक्त कार्य समूह (JWG) की बैठक में सीमा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया। भारत और नेपाल के अधिकारियों ने माना कि बेहतर तालमेल से सीमा पार अपराध, अवैध गतिविधियों और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
सीमा प्रबंधन को लेकर बनाई गई रणनीति
भारत-नेपाल सीमा खुली सीमा के रूप में जानी जाती है, जहां दोनों देशों के नागरिकों के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंध काफी पुराने हैं। हालांकि, इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। बैठक में इन चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने सीमा पार अपराध, नकली मुद्रा, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए समन्वय बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया गया।
रेलवे और बुनियादी ढांचे पर भी जोर
बैठक में सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ रेलवे नेटवर्क के विस्तार और सुधार पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, परिवहन और लोगों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी। भारत और नेपाल के बीच हाल के वर्षों में रेल संपर्क को बढ़ाने के प्रयास तेज हुए हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
दोनों देशों के अधिकारियों ने रखे सुझाव
इस उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु ने किया, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले ने की। बैठक में दोनों देशों के गृह और सुरक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन से जुड़े मौजूदा तंत्र की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया। दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
सुरक्षा के साथ विकास पर भी फोकस
बैठक में यह बात सामने आई कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों का विकास भी जरूरी है। बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं से जहां स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। भारत और नेपाल के बीच यह सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी से जुड़े क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को और बढ़ाया जा सकता है।
Tags: