देहरादून। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में नई पीढ़ी को किताबों से जोड़ने और पढ़ने-लिखने की आदत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देहरादून में पहली बार ‘किताब कौतिक’ का आयोजन होने जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, करियर, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति से जुड़े कई आयोजन होंगे। आयोजन में देशभर के पाठकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए बड़ी संख्या में किताबें उपलब्ध रहेंगी।

आयोजकों के अनुसार, किताब कौतिक में करीब 75 प्रकाशकों की लगभग 80 हजार पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। यहां अलग-अलग विषयों की किताबें पाठकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साहित्य प्रेमियों के साथ बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी यह आयोजन उपयोगी साबित हो सकता है।

तीन दिन तक चलेगा पुस्तक महोत्सव

देहरादून में पहली बार आयोजित होने वाले किताब कौतिक को तीन दिनों तक चलाया जाएगा। 23 अक्टूबर से शुरू होकर यह आयोजन 25 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

आयोजन का उद्देश्य केवल किताबों की बिक्री या प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। आयोजकों की योजना लोगों को पढ़ने की संस्कृति से जोड़ने और किताबों को संवाद का माध्यम बनाने की है। साहित्यिक परिचर्चाओं और लेखक संवाद के जरिए पाठकों को लेखकों के विचारों और रचनात्मक दुनिया से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

75 प्रकाशकों की 80 हजार किताबें

किताब कौतिक का सबसे बड़ा आकर्षण पुस्तक प्रदर्शनी होगी। इसमें करीब 75 प्रकाशकों की लगभग 80 हजार किताबें पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। अलग-अलग विषयों और रुचियों के अनुसार किताबों की बड़ी रेंज यहां देखने को मिलेगी।

पुस्तक प्रेमियों को साहित्य, कहानी, कविता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा और अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकों तक पहुंच मिल सकेगी। आयोजकों का प्रयास है कि बच्चों और युवाओं के लिए भी उनकी रुचि के अनुरूप पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध रहें, ताकि वे मोबाइल और इंटरनेट के साथ-साथ किताबों को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

साहित्यिक परिचर्चा और लेखक संवाद

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान साहित्यिक परिचर्चाएं और लेखक संवाद भी होंगे। इनमें साहित्य और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। पाठकों को लेखकों से बातचीत करने और उनके लेखन अनुभवों को समझने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा काव्य गोष्ठी का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसमें कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे और साहित्य प्रेमियों को कविता की विभिन्न विधाओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इस तरह किताब कौतिक को पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्यिक संवाद के बड़े मंच के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

युवाओं के लिए करियर काउंसिलिंग

आयोजन में युवाओं और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए करियर काउंसिलिंग का भी प्रावधान किया गया है। इसमें छात्रों को शिक्षा और करियर से जुड़े विकल्पों की जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की दिशा को लेकर मार्गदर्शन भी आयोजन का हिस्सा हो सकता है।

आयोजकों का मानना है कि किताबों के साथ युवाओं को सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुस्तक मेले को ज्ञान, संवाद और करियर मार्गदर्शन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

बच्चों के लिए विज्ञान-एआई कॉर्नर

किताब कौतिक में बच्चों के लिए विशेष गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है। आयोजन में विज्ञान-एआई कॉर्नर बनाया जाएगा, जहां बच्चों को विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा बच्चों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और सीखने की रुचि को बढ़ावा देना है। बच्चों को किताबों की दुनिया से जोड़ने के साथ आधुनिक तकनीक की जानकारी देने पर भी जोर रहेगा।

नेचर वॉक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

किताब कौतिक के दौरान नेचर वॉक भी आयोजित की जाएगी। इसके जरिए प्रतिभागियों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का प्रयास होगा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन का हिस्सा होंगे।

इस तरह तीन दिनों के कार्यक्रम में साहित्य, पुस्तकें, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, प्रकृति और संस्कृति को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी। आयोजकों का लक्ष्य इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी और आकर्षक बनाना है।

उत्तराखंड के छोटे शहरों तक पहुंचा अभियान

किताब कौतिक अभियान की शुरुआत क्रिएटिव उत्तराखंड ग्रुप की पहल पर हुई थी। दिसंबर 2022 में टनकपुर से शुरू हुआ यह अभियान अब उत्तराखंड के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। अब तक राज्य में 15 किताब कौतिक आयोजित किए जा चुके हैं।

इस अभियान का उद्देश्य किताबों और साहित्य को बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय छोटे कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाना है। विभिन्न स्थानों पर आयोजन के जरिए स्थानीय पाठकों, लेखकों और साहित्य प्रेमियों को एक मंच देने की कोशिश की जा रही है।

देहरादून में पहली बार होने वाला किताब कौतिक इसी अभियान का विस्तार है। आयोजकों को उम्मीद है कि तीन दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे और किताबों के साथ अपना जुड़ाव मजबूत करेंगे। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के बीच पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने की यह पहल नई पीढ़ी को किताबों की दुनिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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