तीन सालों में बढ़े दलितों के खिलाफ अपराध के आंकड़े, गर्भवती की संदिग्ध मौत से हड़कंप,

केस में महिलाओं समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Update: 2022-05-07 04:57 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क : उत्तराखंड में दलितों के खिलाफ अपराध के आंकड़े पिछले तीन सालों में बढ़े हैं. अल्मोड़ा ज़िले के थला तड़ियाल के दर्शन लाल ने पुलिस में केस दर्ज करवाया कि 2 मई को मजबाख़ली तोक में कुछ लोगों ने दूल्हे बने उनके बेटे को घोड़ी से उतारने की कोशिश की. जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कफल्टा कांड जैसी वारदात को अंजाम देने की धमकी भी दी. इस केस में महिलाओं समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट से हड़कंप मचा.एसडीएम गौरव पांडेय के आदेश पर नायब तहसीलदार मामले की जांच कर रहे हैं.

उत्तराखंड पुलिस के एक सिपाही ने पहले तो अपनी पत्नी को पीटा और जब उसे अस्पताल में भर्ती किया गया, तब अस्पताल जाकर उसके गले को चाकू से रेत दिया. ऋषिकेश की इस घटना के उलट काशीपुर में एक दरोगा पर जानलेवा हमला किया गया. इधर, उत्तरकाशी में एक नवविवाहिता की मौत को दहेज हत्या बताया गया, तो विधायक और एसपी इस मामले में गंभीर हो गए.इधर, अल्मोड़ा ज़िले में अनुसूचित जाति के एक दूल्हे को घोड़ी से उतारने और धमकाने के मामले में जांच जारी है.
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