हरिद्वार: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 4 सितंबर को जिलेभर के मंदिरों में धार्मिक आयोजन, झांकियां, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विभिन्न क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं।

जन्माष्टमी पर हरिद्वार सहित जिले के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। देर रात तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं। भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सभी तैनात मजिस्ट्रेटों को पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और गृह मंत्रालय तथा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी अराजक गतिविधि, अफवाह या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार को नगर क्षेत्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को रुड़की सब-डिवीजन, जबकि उप जिलाधिकारी हरिद्वार, लक्सर और भगवानपुर को अपने-अपने सब-डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित तहसीलदारों को भी चिह्नित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

आवश्यकता पड़ने पर उप जिलाधिकारी अपने स्तर से नायब तहसीलदारों की तैनाती कर सकेंगे।

जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंदिरों, धार्मिक स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर भीड़ के अनुरूप सुरक्षा पर जोर दिया गया है।

इसके साथ ही विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली, जल संस्थान और पेयजल निगम को सुचारु पेयजल व्यवस्था और नगर निगम हरिद्वार-रुड़की को आयोजन स्थलों पर विशेष सफाई के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारी सतर्कता से दायित्व निभाएं।

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