वैदिक जीवन मूल्यों की प्रासंगिकता पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
वर्तमान समाज में वैदिक मूल्यों की उपयोगिता पर मंथन
हरिद्वार: गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में प्रो. ओम प्रकाश सिन्हा की स्मृति में ‘वैदिक जीवन मूल्य एवं प्रासंगिकता’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. बबलू वेदालंकार ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि वैदिक जीवन-दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैदिक साहित्य में निहित जीवन-मूल्य केवल प्राचीन भारतीय समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्तमान बदलते सामाजिक परिवेश में भी उनकी प्रासंगिकता बनी हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल सिद्धांतों को समझने और उन्हें आधुनिक जीवन से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अंजलि गोयल ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को विषयगत शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।कार्यक्रम समन्वयक डॉ. जे.आर. मीणा ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं का समन्वय किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने और भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर प्रो. आर.के. शुक्ला, डॉ. जसपाल सिंह, डॉ. प्रशांत तेवतिया, डॉ. राजदीप मलिक और डॉ. सुहास सहित विभाग के शिक्षक, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।