पूर्व सैनिकों को दून मेडिकल कॉलेज में मिलेगा विशेषज्ञ इलाज, ECHS पैनल में हुआ शामिल
देहरादून। उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ गया है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के पैनल में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद ईसीएचएस के पात्र पूर्व सैनिक और उनके स्वजन अब दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार करा सकेंगे।
इस संबंध में सोमवार को क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस, देहरादून और दून मेडिकल कॉलेज के बीच समझौता हुआ। समझौते पर क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस के निदेशक और दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके पात्र आश्रितों के लिए मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ उपचार की सुविधा का रास्ता साफ हो गया है।
पूर्व सैनिकों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचार
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां अलग-अलग विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। ईसीएचएस पैनल में शामिल होने के बाद पात्र पूर्व सैनिक इन विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ योजना के तहत उठा सकेंगे।
इस सुविधा का लाभ पूर्व सैनिकों के साथ वीर नारियों और उनके पात्र आश्रितों को भी मिलेगा। इससे उन्हें विशेषज्ञ इलाज के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
विशेष रूप से देहरादून और आसपास रहने वाले पूर्व सैनिक परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। अब ईसीएचएस के तहत उन्हें दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी उपचार का विकल्प मिलेगा।
सोमवार को हुआ समझौता
क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस और दून मेडिकल कॉलेज के बीच सोमवार को औपचारिक समझौता किया गया। इस दौरान दोनों संस्थानों के अधिकारियों की मौजूदगी में समझौते से संबंधित प्रक्रिया पूरी की गई।
क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस के निदेशक और मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ईसीएचएस पैनल से जुड़ गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य योजना के पात्र लोगों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
वीर नारियों और आश्रितों को भी लाभ
नई व्यवस्था केवल पूर्व सैनिकों तक सीमित नहीं है। ईसीएचएस के तहत पात्र वीर नारियां और पूर्व सैनिकों के आश्रित भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
पूर्व सैनिक परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता होती है। दून मेडिकल कॉलेज में विभिन्न चिकित्सा विभाग उपलब्ध होने से उन्हें एक ही संस्थान में कई तरह की विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी।
योजना के नियमों के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाओं की प्रक्रिया ईसीएचएस के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होगी।
इलाज के लिए बढ़ा एक और विकल्प
दून मेडिकल कॉलेज के ईसीएचएस पैनल में शामिल होने से पूर्व सैनिकों के सामने उपचार के लिए एक और महत्वपूर्ण विकल्प उपलब्ध हो गया है। अभी तक ईसीएचएस के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र लाभार्थी उपचार कराते रहे हैं। अब दून मेडिकल कॉलेज भी इस व्यवस्था का हिस्सा बन गया है।
सरकारी मेडिकल कॉलेज होने के कारण यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ विभिन्न विभागों की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता होने पर पात्र लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं का मिलेगा फायदा
मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सामान्य चिकित्सा के साथ विभिन्न विशेषज्ञ विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं। इसी वजह से दून मेडिकल कॉलेज को ईसीएचएस पैनल में शामिल किया जाना पूर्व सैनिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
अब योजना के पात्र लाभार्थी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इससे कई मामलों में मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए दूसरे चिकित्सा संस्थानों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
हालांकि योजना के तहत कौन-कौन सी विशिष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी और उनके लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी, यह ईसीएचएस के लागू नियमों और संबंधित व्यवस्था के अनुसार तय होगा।
देहरादून में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक परिवार
उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की उल्लेखनीय मौजूदगी है। देहरादून में भी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके आश्रित रहते हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल को ईसीएचएस पैनल से जोड़ने का सीधा लाभ पात्र परिवारों को मिल सकेगा।
इलाज के लिए अस्पताल चुनने के विकल्प बढ़ने से मरीजों को सुविधा होगी। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत हो, दून मेडिकल कॉलेज की सेवाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं।
ECHS के तहत मिलती हैं स्वास्थ्य सुविधाएं
पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना यानी ईसीएचएस का उद्देश्य पात्र पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचीबद्ध चिकित्सा संस्थानों में उपचार की सुविधा दी जाती है।
दून मेडिकल कॉलेज के पैनल में आने के बाद अब यह संस्थान भी ईसीएचएस लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा सकेगा।
इस व्यवस्था से सरकारी स्वास्थ्य ढांचे और पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना के बीच समन्वय भी बढ़ेगा।
समझौते के बाद खुला उपचार का रास्ता
क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस, देहरादून और दून मेडिकल कॉलेज के बीच हुए समझौते के बाद अब योजना के पात्र लोगों के लिए विशेषज्ञ उपचार का रास्ता खुल गया है। पूर्व सैनिक, वीर नारियां और पात्र आश्रित इसका लाभ ले सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन और क्षेत्रीय केंद्र ईसीएचएस के निदेशक की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर के साथ इस व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया गया।
पूर्व सैनिक परिवारों को मिलेगी राहत
दून मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिलने से पूर्व सैनिक परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। मरीजों को अपनी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी।
ईसीएचएस पैनल में शामिल होने के बाद दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अब योजना के पात्र पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और आश्रितों तक भी पहुंचेगा।
सोमवार को हुए समझौते के साथ इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत हो गई है। आने वाले समय में इसका लाभ देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बड़ी संख्या में पात्र पूर्व सैनिक परिवारों को मिलने की उम्मीद है।