Uttarakhand उत्तराखंड। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Subodh Uniyal ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और इसे सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों को अपने कर्तव्य को समझना होगा और जहां भी लापरवाही सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुबोध उनियाल ने कहा कि अस्पतालों को रेफरल केंद्र बनने से रोकना जरूरी है, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की आवश्यकता न पड़े। यदि किसी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो स्थानीय स्तर पर खरीद कर मरीज को दी जाए और उसका भुगतान किया जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या है। सरकार ने इसके समाधान के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन देने का प्रावधान किया है, फिर भी कई जगह डॉक्टर नहीं पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए अब 6-6 महीने के रोस्टर पर डॉक्टरों की तैनाती की योजना बनाई गई है, ताकि सालभर 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रह सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि डॉक्टरों की अपनी समस्याएं भी हैं, जिनका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के लिए फैमिली सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे वे दूरदराज के इलाकों में भी काम करने के लिए तैयार हों।