Dehradun देहरादून। उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में मंगलवार को देहरादून के सरदार पटेल भवन में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं की गुणवत्ता, जनशिकायतों के निस्तारण और पुलिसिंग की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, गढ़वाल एवं कुमाऊं रेंज के प्रभारी, सभी जनपदों के पुलिस अधीक्षक तथा एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। डीजीपी ने सख्ती से निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, लैंड फ्रॉड मामलों और पुलिस कर्मियों में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया गया। हाल की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई के उदाहरण देते हुए डीजीपी ने जनपद देहरादून के ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या की घटना में लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ठ को तत्काल निलंबित किया। इसी तरह कोतवाली नगर, देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी निलंबित किया गया। दोनों मामलों की जांच एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है। अन्य कर्मियों की शिथिलता की जांच 7 दिनों में पूरी कर पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयंती पर दो पक्षों में संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही पर हल्का प्रभारी चुड़ियाला एसआई सूरत शर्मा को तत्काल निलंबित किया गया। इस प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम, हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है, और 7 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। लैंड फ्रॉड मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनपद ऊधमसिंहनगर के सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि संबंधी आरोपों के संदर्भ में अब ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर पर प्रारंभिक जांच होगी। सीओ जांच में सिविल या क्रिमिनल प्रकृति स्पष्ट करेंगे, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। लंबित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी।