Dehradun: वनाग्नि नियंत्रण को नई तकनीक का सहारा, त्वरित अलर्ट व्यवस्था शुरू

वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए रियल-टाइम सूचना देगा 'नियर फॉरेस्ट अलर्ट'

Update: 2026-06-05 06:13 GMT

देहरादून: वन विभाग ने वनाग्नि प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए फॉरेस्ट फायर उत्तराखंड मोबाइल ऐप का उन्नत संस्करण विकसित किया है। इस नई व्यवस्था में 'नियर फॉरेस्ट अलर्ट' फीचर जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से आरक्षित वन क्षेत्रों के समीप निजी एवं नाप भूमि में लगने वाली आग की जीपीएस आधारित सूचना भी प्राप्त हो सकेगी।

गुरुवार को वन विभाग ने एक बयान जारी कर बताया कि अभी तक वनाग्नि संबंधी सूचनाएं केवल आरक्षित वन क्षेत्रों और फॉरेस्ट कवर मैप के अंतर्गत ही प्राप्त होती थीं। नई तकनीक में नासा केमोडिस, वीआईआईआरएस और एसएनपीपी सेंसर से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वन क्षेत्र के निकट आग लगने की घटनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पायलट परियोजना के तहत प्रारंभिक चरण में टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और जोशीमठ वन प्रभागों में परीक्षण और फील्ड सत्यापन किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद इसे प्रदेश के अन्य वन प्रभागों में भी लागू किया जाएगा।

वन विभाग का मानना है कि इस तकनीक से वनाग्नि की घटनाओं के कारणों की पहचान करने, वन अपराधों की जांच में सहायता मिलने तथा आग प्रभावित क्षेत्रों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही संबंधित ग्राम प्रधानों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भी खेतों एवं निजी भूमि में आग लगने की तत्काल सूचना प्राप्त होगी, जिससे वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण में प्रभावी सहयोग मिल सकेगा।

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