साइबर फर्जीवाड़े पर शिकंजा 159 केस दर्ज 15 आरोपी गिरफ्तार
संदिग्ध बैंक खातों की जांच तेज कई लोग रडार पर
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के ऑपरेशन हॉटस्पॉट के तहत साइबर अपराध और संदिग्ध बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में अब तक 820 बैंक खाते संदिग्ध पाए गए हैं, जबकि 159 मामलों में जांच आगे बढ़ रही है। इस कार्रवाई में 60 बैंककर्मी भी जांच के दायरे में आए हैं और अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर ठगी और अवैध लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खाते सामने आए, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया गया। इन खातों के जरिए ठगी की रकम के ट्रांसफर और निकासी की जांच की जा रही है।
संदिग्ध खातों से जुड़े नेटवर्क की तलाश
ऑपरेशन हॉटस्पॉट के तहत पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों, लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि कई खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे या फिर इन्हें किराये पर लेकर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब इन खातों से जुड़े मुख्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
बैंककर्मियों की भूमिका की जांच
मामले में 60 बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। पुलिस यह पता लगा रही है कि संदिग्ध खाते खोलने, दस्तावेजों के सत्यापन और लेनदेन में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। अगर जांच में किसी बैंककर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध पर शिकंजा
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संदिग्ध खातों को फ्रीज करने, ठगी की रकम वापस कराने और अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऑपरेशन हॉटस्पॉट के जरिए पुलिस का लक्ष्य साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है, ताकि आम लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाया जा सके।