देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 से प्रदेश में 'उत्तराखंड न्याय यात्रा' की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में यात्रा के संचालन के लिए चार दल बनाए हैं। इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। देहरादून में चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में यात्रा निकाली गई, जबकि गढ़वाल मंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ धाम से अभियान की शुरुआत की। कांग्रेस का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और सरकार से जवाब मांगना है।
देहरादून में प्रीतम सिंह के नेतृत्व में निकली न्याय यात्रा
राजधानी देहरादून में कांग्रेस की न्याय यात्रा की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद कार्यकर्ताओं ने न्याय यात्रा शुरू की।
इसके बाद यात्रा राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका स्वागत किया।
यात्रा में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर, लालचंद शर्मा, गरिमा दसौनी सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष है। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाएगी।
बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा की शुरुआत
गढ़वाल मंडल में कांग्रेस की न्याय यात्रा की शुरुआत बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के साथ की गई। इस दल की अगुआई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक विक्रम सिंह नेगी और विधायक लखपत सिंह बुटोला कर रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा बदरीनाथ से जोशीमठ, पीपलकोटी और चमोली तक पहुंचेगी।
इसके बाद 23 अक्टूबर को नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर होते हुए रुद्रप्रयाग में जनसंपर्क किया जाएगा।
24 अक्टूबर को सतपुली, दुगड्डा और कोटद्वार में कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, 25 अक्टूबर को लैंसडाउन और बीरोंखाल में न्याय यात्रा निकाली जाएगी।
कांग्रेस ने गढ़वाल क्षेत्र में पार्टी संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय समस्याओं को उठाने पर विशेष जोर दिया है।
कुमाऊं में यशपाल आर्य और हरीश रावत को जिम्मेदारी
कुमाऊं मंडल में कांग्रेस की न्याय यात्रा अल्मोड़ा के प्रसिद्ध गोल्ज्यू मंदिर से प्रारंभ की गई।
इस दल के नेतृत्व की जिम्मेदारी नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस नेता प्रकाश जोशी, करन माहरा, भुवन कापड़ी और विधायक तिलकराज बेहड़ को दी गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल से होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगी।
इसके बाद लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुमाऊं में बेरोजगारी, पलायन और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
हरिद्वार में हरक सिंह रावत संभालेंगे मोर्चा
कांग्रेस ने हरिद्वार जिले में न्याय यात्रा के संचालन की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत को सौंपी है।
इस दल में विधायक काजी निजामुद्दीन, ममता राकेश, फुरकान अहमद, रवि बहादुर, अनुपमा रावत और अन्य नेता शामिल रहेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हरिद्वार में यात्रा की शुरुआत 23 अक्टूबर से होगी। इसके बाद विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
यात्रा खानपुर, मंगलौर, झबरेड़ा, भगवानपुर, रुड़की, लक्सर और ज्वालापुर सहित कई क्षेत्रों से गुजरेगी।
हरिद्वार जिले में यात्रा का समापन 30 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को बनाया प्रमुख मुद्दा
कांग्रेस की न्याय यात्रा में अंकिता भंडारी हत्याकांड को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में पहले भी व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। कांग्रेस इस मामले में न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर जनता के बीच जा रही है।
पार्टी का कहना है कि वह महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
महंगाई और बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस ने न्याय यात्रा में महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को भी प्रमुख मुद्दा बनाया है।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
इसके साथ ही बढ़ती महंगाई से आम लोगों की परेशानियां बढ़ने का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को रोजगार सृजन, भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और जनता की आर्थिक समस्याओं के समाधान पर जवाब देना चाहिए।
हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक आरोप और मांगें हैं। संबंधित मुद्दों पर सरकार के पक्ष और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया जा सकता है।
27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव की तैयारी
उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत कांग्रेस ने गैरसैंण में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया है।
पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को गैरसैंण में आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 27 अक्टूबर को विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों स्थानों पर जनता से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे।
पार्टी ने अपने विधायकों और पदाधिकारियों को यात्रा और आगामी विरोध कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की कवायद
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस की न्याय यात्रा को आगामी चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से संवाद बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश में फिलहाल भाजपा की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में विभिन्न मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछ रही है।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस यात्रा के जरिए कांग्रेस संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना चाहती है।
जनता से सीधे संवाद पर कांग्रेस का जोर
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि के अनुसार, न्याय यात्रा में पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पदाधिकारी और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
कांग्रेस का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय समस्याओं को उठाया जाए और जनता की शिकायतों को पार्टी के कार्यक्रमों में स्थान दिया जाए।
फिलहाल देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं में यात्रा का कार्यक्रम शुरू हो चुका है, जबकि हरिद्वार में 23 अक्टूबर से जनसंपर्क अभियान प्रस्तावित है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह यात्रा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि इस अभियान के माध्यम से पार्टी किन स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है और सरकार की ओर से इन पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।