देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून स्थित पुलिस लाइंस में आयोजित 'पुलिस स्मृति दिवस' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके साहस, समर्पण और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को मजबूत बनाने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की।
देश की सुरक्षा में पुलिस जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विपरीत परिस्थितियों में भी जवान पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में 154 पुलिस और सुरक्षा जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें उत्तराखंड पुलिस के दिवंगत सब-इंस्पेक्टर विनोद कुमार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के साहस का प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में राष्ट्र को समर्पित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देश के बहादुर पुलिसकर्मियों के त्याग और बलिदान का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर जवानों को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीद जवानों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर भर्ती की तैयारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।इन पदों पर नियुक्तियां होने से विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस बल के संसाधनों और मानव शक्ति को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने पुलिस थानों और चौकियों में कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकता तथा स्वीकृत पदों की समीक्षा करने की भी घोषणा की। इससे यह निर्धारित करने में सहायता मिलेगी कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की जरूरत है।
पुलिस थानों का वार्षिक बजट होगा दोगुना
मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस थानों के जरूरी कामकाज के लिए उपलब्ध वार्षिक बजट को चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये करने की घोषणा की। इस फैसले से थानों में प्रशासनिक और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।इसके साथ ही विवेचना की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए जांच अधिकारियों को आधुनिक इन्वेस्टिगेशन किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन किटों की सहायता से आपराधिक मामलों में साक्ष्य जुटाने और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की। देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा पुलिस मॉडर्न स्कूल और पुलिस अस्पताल का उन्नयन किया जाएगा, ताकि पुलिस परिवारों को बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से लैस करना आवश्यक है। साइबर अपराध, नशे के कारोबार और अन्य आपराधिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस की कार्यक्षमता मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम वीर जवानों के बलिदान को नमन करने के साथ ही उत्तराखंड पुलिस के आधुनिकीकरण, नई भर्तियों और कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाओं का साक्षी बना।
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