देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर जल्द बैठक आयोजित की जाएगी और इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस घोषणा से प्रदेशभर के सफाई कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। कार्यक्रम में देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल और सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री
देहरादून नगर निगम की ओर से महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर धार्मिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोभायात्रा में भाग लेकर महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि अर्पित की।महर्षि वाल्मीकि को रामायण के रचयिता और आदिकवि के रूप में सम्मान दिया जाता है। उनके जीवन और विचारों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता तथा मानवता की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श समाज में समानता, सद्भाव, करुणा और मानवीय मूल्यों का संदेश देते हैं। उन्होंने सभी वर्गों के सम्मान और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सफाई कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी पर विचार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सफाई कर्मचारियों के मानदेय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन को लेकर जल्द बैठक की जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सफाई कर्मचारी शहरों और कस्बों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके योगदान और मेहनत का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर प्रस्तावित बैठक में संबंधित विभागों के कर्मचारियों की स्थिति और उनकी मांगों पर विचार किए जाने की उम्मीद है।हालांकि, मानदेय कितनी राशि बढ़ाया जाएगा, इसकी घोषणा अभी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर जल्द बैठक कर निर्णय लेने की बात कही है।
सफाई कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर रहेगा ध्यान
सफाई कर्मचारी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना उनके कार्यों में शामिल है।इन जिम्मेदारियों के बावजूद कई सफाई कर्मचारी मानदेय, रोजगार की सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करते रहे हैं।ऐसे में मानदेय में संशोधन की घोषणा को उनके हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से बेहतर पारिश्रमिक और कार्य परिस्थितियों की मांग उठाई जाती रही है। अब प्रस्तावित बैठक से इन मांगों पर आगे चर्चा होने की संभावना है।
देहरादून में पहले भी बढ़ाया गया था मानदेय
देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक में अप्रैल 2026 में अस्थायी सफाई कर्मचारियों का दैनिक मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था।इस फैसले से नगर निगम क्षेत्र के लगभग 1,700 सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई थी।अब मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन के लिए बैठक बुलाने की घोषणा से इस विषय पर फिर चर्चा तेज हो गई है।हालांकि, नगर निगम के प्रस्ताव और राज्य स्तर पर प्रस्तावित समीक्षा को अलग-अलग प्रशासनिक निर्णयों के रूप में समझना जरूरी है।
महापौर और कर्मचारी संगठनों की मौजूदगी
कार्यक्रम में देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।सफाई कर्मचारियों के मानदेय और अन्य समस्याओं को लेकर संगठनों की ओर से सरकार के समक्ष पहले भी मांगें रखी गई हैं।इनमें मानदेय बढ़ाना, लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान और रिक्त पदों पर भर्ती जैसे विषय शामिल रहे हैं।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर आगे ठोस कदम उठाएगी।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने का संदेशमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता पर जोर दिया।महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय साहित्य और धार्मिक परंपरा की महत्वपूर्ण रचनाओं में शामिल है। उनके विचारों को सत्य, करुणा, समानता और मानवीय मूल्यों से जोड़ा जाता है।प्रकट दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश देना भी रहा।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।उन्होंने शिक्षा और आवास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।हालांकि, कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या या किसी नई योजना की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
अब मानदेय बढ़ोतरी के फैसले का इंतजारमुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब सफाई कर्मचारियों की नजर प्रस्तावित बैठक पर रहेगी। बैठक में मानदेय संशोधन और संबंधित मांगों पर विचार होने की उम्मीद है।
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