Hemkund Sahib यात्रा की तैयारी से पहले जानें जरूरी गाइडलाइंस और दर्शनीय स्थल

Update: 2025-05-29 08:21 GMT
Chamoli चमोलीउत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा 25 मई से आरंभ हो चुकी है। समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र गुरुद्वारा सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी को समर्पित है। बर्फीली चोटियों और एक सुंदर ग्लेशियल झील के किनारे स्थित यह गुरुद्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे गुरुद्वारों में से एक है।
यदि आप इस वर्ष हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने का विचार कर रहे हैं, तो यात्रा की तैयारी से पहले जरूरी जानकारी जान लेना बहुत जरूरी है जैसे यात्रा के लिए पंजीकरण, वहां कैसे पहुंचें और आसपास की प्रमुख दर्शनीय स्थल कौन-कौन से हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा की तरह हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। आप उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
हर साल अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में यह पवित्र स्थल तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिया जाता है और अक्टूबर तक यात्रा चलती है। वर्तमान में यहां का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जबकि न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इसलिए मौसम के अनुसार उपयुक्त कपड़ों और जरूरी चीजों की तैयारी रखें।
हेमकुंड साहिब कैसे पहुंचे?
सड़क मार्ग : हेमकुंड साहिब का प्रवेश द्वार गोविंदघाट है। यह स्थान सड़क मार्ग से जोशीमठ होते हुए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
हवाई मार्ग : सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) है, जो गोविंदघाट से करीब 276 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां से आप टैक्सी या बस के जरिए गोविंदघाट पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग : ट्रेन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु हरिद्वार तक पहुंच सकते हैं। यहां से सड़क मार्ग से जोशीमठ होते हुए गोविंदघाट तक पहुंचा जा सकता है।
ट्रैकिंग रूट: गोविंदघाट से करीब 5 किमी दूर पुलना गांव तक वाहन से जाया जा सकता है। इसके बाद 15 किमी की ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो बेहद सुंदर और रोमांचक है। घांघरिया इस मार्ग पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां यात्री रात में रुकते हैं। यहीं से ‘फूलों की घाटी’ का रास्ता भी शुरू होता है।
हेमकुंड साहिब के पास घूमने की जगहें
1. फूलों की घाटी (Valley of Flowers): यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल, यह घाटी अपने रंग-बिरंगे दुर्लभ फूलों और मनमोहक दृश्य के लिए जानी जाती है। घांघरिया से लगभग 3 किमी की दूरी पर स्थित यह घाटी जुलाई और अगस्त के महीनों में घूमने के लिए आदर्श मानी जाती है।
2. लक्ष्मण मंदिर: हेमकुंड झील के पास ही स्थित इस प्राचीन मंदिर का धार्मिक महत्व भी काफी है। मान्यता है कि यहां लक्ष्मण जी ने तप किया था।
यात्रा के लिए सुझाव
– ट्रैकिंग के लिए मजबूत जूते और गर्म कपड़े साथ रखें।
– मेडिकल किट, ऊंचाई पर सांस लेने में मदद करने वाले उपकरण और पर्याप्त पानी जरूर ले जाएं।
– मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
Tags:    

Similar News