बदरीनाथ में चढ़ावा विवाद, भाजपा ने पुजारियों को बताया निर्दोष

Update: 2026-07-12 16:13 GMT

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी के मामले को लेकर विवाद के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के ब्राह्मण, पुजारी और पंडा चोरी नहीं करते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए संस्था के कर्मचारी जिम्मेदार हो सकते हैं।

महेंद्र भट्ट का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, पुजारी और पंडा हमेशा श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यजमान उन्हें दक्षिणा देते हैं और ऐसे में उन पर चोरी का आरोप लगाना उचित नहीं है।

दरअसल, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। आरोप है कि चढ़ावे की गिनती के समय वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहारों को ठिकाने लगाने के आरोप लगे। इसके बाद मंदिर समिति ने व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए नए कदम उठाने की बात कही थी।

मंदिर समिति की ओर से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में सुधार के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की बात कही गई है। इसके तहत चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों के लिए कई नियम बनाए जाने की तैयारी है। इनमें कर्मचारियों को बिना जेब वाले वस्त्र पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश करने का नियम भी शामिल है, ताकि भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि चढ़ावे में हेराफेरी करने वाले संस्था के कर्मचारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जो भी नीति बनाई जाएगी, उसका सभी को पालन करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुजारी और पंडा समाज पर श्रद्धालुओं का वर्षों से विश्वास बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि मंदिरों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन बिना जांच किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर हमेशा पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।

चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण के बाद मंदिर समिति ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, मामले में जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

महेंद्र भट्ट के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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