फाइल फोटो 

जनता से रिस्ता वेबडेस्क: नाइट कर्फ्यू में छूट मिलते ही योगनगरी में पर्यटकों की आमद एकाएक बढ़ गई है। स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला और तपोवन के गंगा घाट और तट पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहे हैं। लक्ष्मणझूला, रामझूला और जानकीपुल पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। क्षेत्र में अचानक पर्यटकों की भीड़ बढ़ते देख स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।

प्रदेश में नाइट कर्फ्यू के चलते योगनगरी में पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट आनी शुरू हो गई थी। प्रदेश की सीमाओं पर जगह-जगह कोविड की चेकिंग से पर्यटक यहां से दूरी बना रहे थे। तब पर्यटक योगनगरी की बजाय हिमाचल, धर्मशाला, कुल्लू मनाली आदि पर्यटक स्थलों की ओर रुख कर रहे थे। इस दौरान स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या न के बराबर हो गई थी। 
पर्यटकों ने अपने होटल और कैंपों की ऑनलाइन बुकिंग भी रद्द करनी शुरू कर दी थी, लेकिन अब नाइट कर्फ्यू में छूट मिलने से योगनगरी में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्यप्रदेश आदि प्रांतों के पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। हेंवलघाटी क्षेत्र में गरुड़चट्टी, फूलचट्टी, रत्तापानी, बैरागढ़, मोहनचट्टी, घट्टूगाड़, बिजनी, नैल, क्यार्की, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र में संचालित बीच कैंप पर्यटकों से पैक हो गए हैं। सुबह से लेकर शाम तक पर्यटक गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग, क्याकिंग, बंजिंग और जंपिंग आदि साहसिक खेलों का आनंद ले रहे हैं।
विदेशी मेहमानों से लौटेगी तीर्थनगरी की रौनक 
लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और तपोवन के 60 फीसदी व्यापारी विदेशी मेहमानों पर निर्भर हैं। कोरोनाकाल से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बंद पड़ी हुई है। स्थानीय व्यापारी मनोज डोबरियाल, अंकित गुप्ता और प्रेम प्रजापति ने बताया कि विदेशी पर्यटकों के आने से क्षेत्र का व्यापार बढ़ता है। विदेशी यहां योग, ध्यान और पंचकर्मा आदि का प्रशिक्षण लेने के लिए आते थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं बंद होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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