रुड़की। बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर में पांच अक्टूबर से शुरू होने जा रही अग्निवीर भर्ती को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भर्ती प्रक्रिया 23 अक्टूबर तक चलेगी और इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संबंधित विभागों से व्यवस्थाओं की रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में तीन अक्टूबर को अधिकारियों की संयुक्त बैठक भी बुलाई गई है।

अग्निवीर भर्ती के दौरान हजारों युवा रुड़की पहुंचेंगे। ऐसे में केवल सेना की तैयारियां ही पर्याप्त नहीं होंगी, बल्कि यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, सफाई, सुरक्षा और ठहरने जैसी व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित करना जरूरी होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय कर रहा है।

भर्ती रैली पांच अक्टूबर से शुरू होगी। पहले दिन एआरओ अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बरेली के अंतर्गत आने वाली तहसीलों के अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। आगे की तिथियों में अलग-अलग क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुलाया जाएगा।

प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को अपनी तैयारियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए हैं कि तीन अक्टूबर की बैठक में सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर की गई व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की जानकारी लेकर पहुंचें।

भर्ती स्थल और आसपास के क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होगी। हजारों अभ्यर्थियों के एक साथ पहुंचने से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके लिए यातायात पुलिस को विशेष योजना तैयार करनी होगी, ताकि भर्ती स्थल तक पहुंचने वाले अभ्यर्थियों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

बस अड्डे और रेलवे स्टेशन से भर्ती केंद्र तक आने-जाने के लिए भीड़ बढ़ने की संभावना है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वाहन या विशेष यातायात व्यवस्था की जा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षा और दौड़ जैसे परीक्षण होते हैं, ऐसे में किसी अभ्यर्थी की तबीयत खराब होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहनी जरूरी है। इसके लिए एंबुलेंस और चिकित्सा टीमों की तैनाती की योजना बनाई जा सकती है।

पेयजल की व्यवस्था भी अहम होगी। भर्ती प्रक्रिया कई दिनों तक चलेगी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सुबह से ही भर्ती स्थल के आसपास मौजूद रहेंगे। गर्मी और शारीरिक परीक्षण के दौरान पानी की जरूरत ज्यादा होगी, इसलिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखने पर जोर दिया जा रहा है।

नगर निगम या संबंधित निकाय को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। भीड़ बढ़ने के कारण कूड़ा और अन्य अपशिष्ट की मात्रा भी बढ़ सकती है। ऐसे में भर्ती स्थल और आसपास नियमित सफाई जरूरी होगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सेना के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण रहेगा। भर्ती स्थल पर प्रवेश केवल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, प्रवेश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में सेना की मुख्य भूमिका होगी, जबकि बाहरी क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस संभालेंगे।

रुड़की में होने वाली इस भर्ती को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थी यहां पहुंचेंगे। कई युवा पहले से शारीरिक परीक्षा, दौड़ और दस्तावेजी प्रक्रिया की तैयारी कर रहे हैं।

भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। सेना की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही प्रवेश और परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दस्तावेज अधूरे होने की स्थिति में अभ्यर्थियों को परेशानी हो सकती है।

प्रशासन अभ्यर्थियों से यह भी अपेक्षा करेगा कि वे निर्धारित तारीख और समय पर ही भर्ती स्थल पहुंचें। अनावश्यक रूप से पहले पहुंचने या भीड़ बढ़ाने से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

भर्ती प्रक्रिया लंबी होने के कारण रुड़की के होटल, धर्मशाला और अन्य ठहरने की जगहों पर भी दबाव बढ़ सकता है। हजारों अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी पहुंच सकते हैं। इससे शहर में अस्थायी रूप से भीड़ बढ़ने की संभावना है।

तीन अक्टूबर को होने वाली बैठक में बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हो सकते हैं। बैठक में जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे।

बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर में पहले भी बड़े स्तर पर सैन्य भर्ती आयोजित होती रही है। यहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को संभालने का अनुभव मौजूद है, लेकिन इस बार भीड़ को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

पांच से 23 अक्टूबर तक चलने वाली इस भर्ती के लिए सेना ने अपने स्तर पर तैयारियां पूरी करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। मैदान, प्रवेश व्यवस्था, दस्तावेज जांच और शारीरिक परीक्षण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन का फोकस बाहरी व्यवस्थाओं पर रहेगा। यातायात जाम न हो, अभ्यर्थियों को पानी और चिकित्सा सुविधा मिले और कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

पहले दिन अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बरेली एआरओ से जुड़े क्षेत्रों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके बाद निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अन्य क्षेत्रों के युवाओं की भर्ती प्रक्रिया होगी।

फिलहाल तीन अक्टूबर की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सभी विभागों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और यदि कहीं कमी पाई जाती है तो उसे पांच अक्टूबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।

रुड़की में होने वाली यह अग्निवीर भर्ती प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए सेना में शामिल होने का अवसर लेकर आई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 19 दिनों तक चलने वाली इस प्रक्रिया को सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना किसी अव्यवस्था के पूरा कराया जाए।

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