चंदौली। पीलिया (ज्वाइंडिस) को सामान्य बीमारी समझकर लापरवाही करना जानलेवा साबित हो सकता है। चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के नागेपुर गांव में पीलिया से पीड़ित 42 वर्षीय युवक शैलेश यादव की उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार देर रात करीब 11:50 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकलडीहा में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शैलेश यादव की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजन और ग्रामीण इस घटना से सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि शैलेश पिछले कुछ समय से पीलिया रोग से पीड़ित थे और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
जानकारी के अनुसार, नागेपुर गांव निवासी जितेंद्र यादव के पुत्र शैलेश यादव को कुछ दिनों से पीलिया की शिकायत थी। शुरुआत में बीमारी के सामान्य लक्षण दिखाई दे रहे थे, लेकिन रविवार को अचानक उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई।
परिजनों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकलडीहा पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया और स्वास्थ्य सुधारने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
काफी प्रयासों के बाद भी शैलेश की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। देर रात चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
चिकित्सकों ने पुष्टि की कि शैलेश यादव पीलिया यानी ज्वाइंडिस से पीड़ित थे। डॉक्टरों के अनुसार, कई बार लोग पीलिया को सामान्य बीमारी समझकर समय पर इलाज नहीं कराते, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद तिवारी ने बताया कि पीलिया होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार कराना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पीलिया में आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ना प्रमुख लक्षण हो सकता है। इसके अलावा पेशाब का रंग गहरा होना, भूख कम लगना, कमजोरी महसूस होना, उल्टी आना या पेट में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
डॉ. तिवारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, शैलेश यादव परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिवार के लोग इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीलिया कई कारणों से हो सकता है। इसमें लिवर से जुड़ी समस्याएं, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य कारण शामिल हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच के बीमारी को सामान्य मानना उचित नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पीलिया के मरीजों को खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का भी ध्यान रखना चाहिए। साफ पानी का सेवन, संतुलित भोजन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि वे बीमारी के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें। खासकर पीलिया जैसी बीमारी में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है।
शैलेश यादव की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लोग कई बार गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में पहचान नहीं पाते। जागरूकता और समय पर इलाज से कई गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।
फिलहाल परिवार शोक में डूबा हुआ है। वहीं, चिकित्सकों ने लोगों को पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेने की अपील की है, ताकि बीमारी को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित किया जा सके।