गोरखपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीगोरखनाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का बुधवार को समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गुरु शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश और समाज को अस्थिर करने वाली साजिशों के प्रति लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में कालनेमि जैसे छद्म चेहरे सक्रिय हैं, जो अलग-अलग रूप धारण कर देश और सनातन संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। भारत की बढ़ती ताकत और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव से कुछ भारत विरोधी ताकतें चिंतित हैं और वे देश को कमजोर करने के लिए नई-नई साजिशें रच रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों से सावधान रहने की आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक को देशहित में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
सीएम योगी ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार त्रेतायुग में राक्षस कालनेमि ने हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने से रोकने के लिए साधु का वेश धारण कर उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया था, उसी प्रकार वर्तमान समय में भी कुछ लोग अलग-अलग रूपों में समाज को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानना और उनसे सतर्क रहना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में कुछ लोग बाहरी रूप से अच्छे दिखने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके उद्देश्य समाज और राष्ट्र के हित में नहीं होते। ऐसे छद्म चेहरों से बचने के लिए लोगों को जागरूक और विवेकशील रहना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
सनातन संस्कृति और राष्ट्रहित पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति हजारों वर्षों से मानवता, सत्य, धर्म और सेवा का संदेश देती आई है। इस संस्कृति को कमजोर करने के लिए समय-समय पर प्रयास होते रहे हैं, लेकिन समाज की जागरूकता और एकजुटता के कारण ऐसी ताकतें कभी सफल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और मानव कल्याण का आधार है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है। इसमें दिए गए संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पहले थे।
गुरु की भूमिका पर भी रखा विचार
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गुरु अपने शिष्य को सही मार्ग दिखाता है और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि श्रीगोरखनाथ मंदिर की परंपरा समाज सेवा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और राष्ट्रहित के कार्यों से जुड़ी रही है। मंदिर की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का प्रसार करते हैं।
श्रीराम कथा के समापन पर उमड़े श्रद्धालु
श्रीगोरखनाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और मुख्यमंत्री के आशीर्वचन प्राप्त किए।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और अन्य आयोजन भी हुए। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुजनों का आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।
नागरिकों से एकजुट रहने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता, संस्कृति और परंपराओं में निहित है। जब समाज एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करता है तो कोई भी नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर नहीं कर सकती।
श्रीराम कथा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता का आह्वान रहा। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने और देश की एकता व अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लेने का संदेश दिया।