लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लाखों करदाताओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश सरकार ने बकाया संपत्ति कर के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना यानी ओटीएस लागू की है। योजना के तहत गृहकर, जलकर और सीवरकर की बकाया मूल धनराशि जमा करने वाले करदाताओं को उस पर लगे ब्याज और सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।
नगर विकास विभाग के शासनादेश के मुताबिक ओटीएस योजना प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू होगी। इनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत शामिल हैं। योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित कर की प्रभावी वसूली करने के साथ बकायेदारों को भुगतान में राहत देना और नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करना है। नगर विकास विभाग की आधिकारिक सूची में इससे संबंधित शासनादेश 20 जुलाई 2026 को जारी होने का उल्लेख है।
योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक लंबित बकाया मामलों पर मिलेगा। पात्र करदाता को मूल कर की रकम चुकानी होगी, जबकि उस पर लगा ब्याज और सरचार्ज माफ कर दिया जाएगा। इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार ने मूल गृहकर, जलकर या सीवरकर माफ किया है। राहत केवल बकाया राशि पर देय ब्याज और सरचार्ज में दी जाएगी।
ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। नए आवेदन 15 अगस्त से 14 नवंबर तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का अंतिम निस्तारण 15 दिसंबर तक किया जाएगा। करदाता देय मूल धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में कर सकेंगे। योजना की शर्तों के अनुसार संपूर्ण भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। भुगतान अधूरा रहने पर छूट प्रभावित हो सकती है।
शासनादेश जारी होने के बाद अलीगढ़ के महापौर प्रशांत सिंघल ने हैबिटेट सेंटर में महानगर के सभी 90 वार्डों के पार्षदों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इसका लाभ उठा सकें। अलीगढ़ नगर निगम क्षेत्र में सवा लाख से अधिक करदाताओं को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कर विभाग के अधिकारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम सेवा भवन और संबंधित कार्यालयों में प्रभावी हेल्प डेस्क बनाई जाए। यहां आने वाले करदाताओं को पात्रता, बकाया मूल राशि, ब्याज और सरचार्ज की छूट, किस्तों तथा आवेदन की समयसीमा से जुड़ी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर आयुक्त ने सभी जोन और वार्ड स्तर के कर्मचारियों को भी योजना के प्रचार-प्रसार में लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए होर्डिंग, पंपलेट, सार्वजनिक घोषणाओं और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। करदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जांच कराने तथा भुगतान से पहले बकाया राशि का विवरण प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
महापौर प्रशांत सिंघल ने नागरिकों से निर्धारित अवधि में पंजीकरण कराने और योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर कर जमा होने से नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा और शहर में सफाई, पेयजल, सड़क, प्रकाश तथा दूसरी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बकायेदारों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
ओटीएस से उन लोगों को विशेष राहत मिलेगी, जिनकी मूल कर राशि से अधिक ब्याज और सरचार्ज जमा हो चुका है। हालांकि करदाताओं को आवेदन करते समय संपत्ति का विवरण, कर निर्धारण और पिछली भुगतान रसीदों की जांच करनी चाहिए। किसी विसंगति की स्थिति में नगर निगम की हेल्प डेस्क या कर विभाग में समय रहते आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।