Gen Z पर योगी सरकार का फोकस, BJP विधायक ने CM युवा सलाहकार समिति बनाने का दिया सुझाव

Update: 2026-07-29 10:30 GMT

उत्तर प्रदेश :  युवाओं को शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी बढ़ती भागीदारी के बीच राज्य में भी युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और सुझावों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राज्य में ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ (Chief Minister’s Youth Advisory Council) के गठन का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य युवाओं और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था विकसित करना है, ताकि नई पीढ़ी के विचार सीधे शासन तक पहुंच सकें।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने विस्तृत नीति-पत्र में सुझाव दिया है कि राज्य स्तर पर 31 सदस्यीय ‘सीएम युवा सलाहकार समिति’ का गठन किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार इस समिति में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को शामिल किया जाए। इसमें यूपीएससी, आईआईटी, आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के मेधावी छात्र, युवा वैज्ञानिक, स्टार्टअप उद्यमी, खिलाड़ी, किसान और विभिन्न क्षेत्रों के नवाचार करने वाले युवाओं को स्थान देने की सिफारिश की गई है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि युवाओं को नीति निर्माण की प्रक्रिया में सीधी भागीदारी का अवसर मिले तो उनके विचार और अनुभव सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके माध्यम से शासन और युवाओं के बीच संवाद की दूरी कम होगी तथा नई पीढ़ी अपने सुझाव सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकेगी।

नीति-पत्र के अनुसार समिति की बैठक हर तीन महीने में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा वर्ष में एक बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित करने की भी सिफारिश की गई है। इस मंच पर राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित युवा अपने विचार, सुझाव और नवाचार सरकार के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने में भी मदद मिलेगी।

प्रस्ताव में ‘युवा सेतु यूपी’ नाम से एक डिजिटल पोर्टल विकसित करने का भी सुझाव दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से युवा अपने सुझाव, परियोजनाएं और नवाचार साझा कर सकेंगे। साथ ही सरकार की योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी भी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शासन और युवाओं के बीच संवाद को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की योजना है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर भी जोर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी केवल रोजगार की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही है। ऐसे में सरकार को युवाओं की प्रतिभा और विचारों का बेहतर उपयोग करने के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।

डॉ. राजेश्वर सिंह का प्रशासनिक अनुभव भी इस पहल को विशेष महत्व देता है। वह वर्ष 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संयुक्त निदेशक पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों के अनुभव के आधार पर उन्होंने यह नीति प्रस्ताव तैयार किया है।

इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने के लिए ‘यूथ अड्डा’ मॉडल पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस पहल का उद्देश्य युवाओं और उद्यमिता के बीच मौजूद दूरी को कम करना है। ‘यूथ अड्डा’ को एक ऐसे अनौपचारिक मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवा कॉफी या चाय पर सहज माहौल में विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सफल उद्यमियों से संवाद कर सकें।

सरकार का मानना है कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों से युवा अपने विचार खुलकर रख सकेंगे, नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करेंगे और स्टार्टअप, नवाचार तथा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। यह मंच युवाओं को केवल चर्चा तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और उद्यमिता से जुड़े संसाधनों तक पहुंचाने का भी माध्यम बनेगा।

फिलहाल मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति के गठन का प्रस्ताव विचाराधीन है। यदि इस पर आगे निर्णय लिया जाता है तो उत्तर प्रदेश में युवाओं की नीति निर्माण में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। इसके साथ ही ‘यूथ अड्डा’ जैसी पहलें भी राज्य के युवाओं को नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान कर सकती हैं।

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