मथुरा। जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति और उसका दोस्त महीनों तक जेल में रहा। वह पत्नी दूसरे पति के साथ मौज कर रही थी। 18 माह तक जेल में निरूद्ध होने के बाद किसी तरह हाईकोर्ट से जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद बेकसूर पति ने सुरागकशी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने पति की निशानदेही पर पत्नी को हिरासत में ले लिया। पुलिस सोमवार को उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराएगी।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2015 में वृंदावन की आरती अपने पिता सूरज प्रसाद के साथ बालाजी के दर्शन करने गई थी। यहां उसकी मुलाकात दौसा निवासी दौसा निवासी दुकानदार सोनू से हुई। कुछ ही दिनों में जान पहचान प्यार में बदल गई। दोनों ने आठ सितंबर 2015 को बांदीकुई कोर्ट में लव मेरिज कर ली। इसके बाद सोनी आरती को लेकर अपने गांव रसीदपुर चला गया। यहां उसने अपने पति सोनू पर जायदाद नाम कराने का दबाव डालना शुरू कर दिया। सोनू के मना करने पर आए दिन घर में झगड़ा होने लगा। इसके बाद वह आरती घर से गायब हो गई।
सोनू ने उसे काफी खोजा,लेकिन सफलता नहीं मिली। सोनू ने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई क्योंकि वह उसे भगाकर लाया था। इधर, आरती के पिता ने 25 सितंबर को वृंदावन कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए सोनू सैनी, गोपाल सैनी एवं अरविंद पाठक पर शक जाहिर किया। वहीं 29 सितंबर को मथुरा एक नहर में युवती का शव मिला। इसकी पहचान सूरज प्रसाद ने अपनी बेटी आरती के रूप में की और सोनू तथा गोपाल के खिलाफ हत्या कर बेटी का शव फेंकने की रिपोर्ट वृंदावन कोतवाली में दर्ज कराई।
पुलिस ने सोनू और गोपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में सोनू 18 माह तथा गोपाल नौ माह बाद जमानत पर बाहर आए। जेल से आने के बाद सोनू और गोपाल आरती की खोजबीन में जुट गए। इसी बीच गोपाल को किसी ने बताया कि दौसा के विशाला गांव में काफी समय से एक महिला अपने पति के साथ रह रही है। उसकी शक्ल आरती से मिलती है। सोनू और गोपाल युवक की बताए स्थान पर पहुंचे तो वह महिला आरती ही निकली।
इस पर उन्होंने वृंदावन पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर एसओजी प्रभारी अजय कौशल महिला को हिरासत में मथुरा लाने के लिए रवाना हो गए। एसओजी ने आरती और उसके दूसरे पति को घर से पकड़ लिया और मथुरा आ गए। अब सोमवार को पुलिस महिला के कोर्ट में बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।