वाराणसी: चार लोगों को नामजद करते हुए 50 अज्ञात पर घरों में तोड़फोड़, लूटपाट करने, महिलाओं और बच्चों को भयभीत करने का आरोप लगाया.

जेठवारा थाना क्षेत्र के सोनपुर गांव में सप्ताहभर पहले मदरसा संचालक मो. फारुक की हत्या के बाद आरोपित और पड़ोसियों के घर तोड़फोड़ की गई थी. इसकी आशंका के चलते आरोपित के पड़ोसी भी अपने घर से फरार हो गए थे. घटना के बाद से पड़ोसी भी अपने घर नहीं लौटे हैं. पुलिस की मौजूदगी में दो दिन घर आने के बाद सामान लेकर फिर चले गए. गिरीशचंद्र पांडेय, आशीष पांडेय ने एसपी से मिलकर अपने घर हुई घटना की तहरीर दी. इसमें बताया कि उनके घर हमला करने वालों को ग्राम प्रधान ने उकसाया था. फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर निर्वाचित ग्राम प्रधान के खिलाफ उन्होंने गवाही दी थी. इस कारण ग्राम प्रधान ने उकसाया तो लोगों ने उनके घरों पर धावा बोल दिया. घर के सामान, कार तोड़ने के साथ ही लूटपाट की. खतरनाक हथियारों से लैस लोगों ने महिलाओं और बच्चो को भयभीत किया.

आज आएगा प्रतिनिधमंडल, प्रशासन अलर्टसोनपुर में मदरसा संचालक की हत्या को लेकर पीड़ित परिवार से मिलने समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल को आएगा. प्रतिनिधि मंडल को लेकर कई दिन से विरोध चल रहा है. हिन्दू संगठनों ने भी सपा का प्रतिनिधि मंडल आने पर कार्यकर्ताओं ने सोनपुर पहुंचने का ऐलान किया है. इसके लिए सुबह जेठवारा मंदिर पर बैठक बुलाई गई है. सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने भी प्रतिनिधि मंडल को गांव जाने से रोकने की तैयारी की है.

भारी पुलिस बल ने सोनपुर में किया मार्च: सोनपुर मामले में तनाव को देखते हुए शाम सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता, एसओ धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस और पीएसी के साथ गांव में मार्च किया. मार्च सोनपुर की सभी बस्तियों से गुजरा. देर रात तक पुलिस वाले गांव में ही मौजूद रहे.

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