Varanasi: बेहाल स्कूलों में भीगती शिक्षा, जिम्मेदार बेफिक्र छांव में

Update: 2025-07-31 13:15 GMT
Varanasi वाराणसी : आख‍िरकार वाराणसी में कितने सुरक्षित हैं स्कूल? स्‍कूलों में बरामदे में किताबें ब‍िखरी हैं तो टपकती छतों तले सपने हैं। दो कमरे और एक बरामदे में चल रहे दो -दो परिषदीय विद्यालय हैं तो दूसरी ओर खेल का मैदान तो दूर की बात है स्‍कूल में अलग-अलग शौचालय तक नहीं।
शिक्षा का अधिकार भले हर बच्चे का मौलिक अधिकार बन चुका है, लेकिन व्यवस्था कई कदम पीछे है। शहर के लहरतारा स्थित प्राथमिक विद्यालय (पूर्वोत्तर रेलवे-छित्तूपुर) के नौनिहाल अब भी टीन शेड में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। वर्ष 1950 में स्थापित विद्यालय की कक्षाएं टीन शेड के दो कमरों चल रही हैं। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग ने इसमें एक और विद्यालय का विलय (पेयरिंग) कर दिया है। वर्तमान में दो कमरे व बरामदे में दो-दो स्कूल चल रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय (पूर्वोत्तर रेलवे-छित्तूपुर) में कक्षा एक से पांच तक 56 बच्चे पंजीकृत हैं। जगह न होने के बावजूद राजकीय प्राथमिक विद्यालय (शिवपुरवा) का भी इसी विद्यालय में विलय कर दिया गया। इसे देखते हुए टीन शेड लगा कर बरामदे को भी क्लास रूम में तब्दील कर दिया गया। ऐसे में बच्चों को बरामदे में पढ़ाई करनी पड़ती है। बरसात में स्थिति दयनीय हो जाती है। बारिश होते ही टि‍न टपकने लगती है।
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