Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख लगातार बदलाव की ओर बना हुआ है। क्षेत्र में बादलों की सक्रियता और रात में हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी है, वहीं दूसरी ओर उमस में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में वातावरण में नमी बनी रहने से बादलों की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले तीन दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहने की संभावना है। विभाग ने संकेत दिया है कि मानसून के आगमन से पहले प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर हीटिंग के कारण कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक मौसम को अस्थिर बनाए रख सकती है।
बीती रात लगभग एक बजे के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। आसमान पूरी तरह बादलों से ढक गया और इसके बाद गरज-चमक के साथ करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चलीं, जिससे मौसम में ठंडक तो आई लेकिन नमी बढ़ने से उमस का असर भी महसूस किया गया।
बारिश के बाद सुबह के समय भी आसमान में बादल छाए रहे और मौसम का रुख पूरी तरह बादलों की ओर बना रहा। हवाओं की दिशा भी बदलकर पुरवा (पूर्वी) हो गई, जिससे वातावरण में नमी और अधिक बढ़ गई। लोगों को सुबह के समय हल्की गर्मी और चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दिन के समय तापमान और नमी के कारण लोकल हीटिंग की स्थिति बनेगी, जिससे बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। इसके चलते कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बूंदाबांदी होने की संभावना भी बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरा मौसम पैटर्न मानसून से पहले की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें वातावरण में नमी और गर्मी के मिश्रण से बादल बनते हैं और स्थानीय बारिश होती है। हालांकि इस बार नमी का स्तर अधिक होने के कारण उमस का असर भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन हवा में नमी के कारण असुविधा बढ़ गई है। दिन के समय तेज धूप निकलने पर स्थिति और भी चिपचिपी हो जाती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अचानक बारिश या उमस की स्थिति में सावधानी बरतें। अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।