ग्रीन एनर्जी में यूपी का जलवा, 17 जिले टॉप-100 में

Update: 2026-08-01 13:24 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत रूफटॉप सोलर ऊर्जा के विस्तार में शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्तर पर जारी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के 17 जिले देश के टॉप-100 जिलों में शामिल हुए हैं। वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है।

यूपी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियानों, आसान ऑनलाइन प्रक्रिया और सरकारी प्रोत्साहन का असर अब दिखाई देने लगा है। योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाए हैं, जिससे न सिर्फ बिजली बिल में कमी आई है बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आम लोगों को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) के निदेशक रविन्द्र सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय रैंकिंग में लखनऊ ने 1,24,167 रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना के साथ देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। वाराणसी देश की रैंकिंग में 10वें स्थान पर रहा, जहां 48,829 सोलर संयंत्र लगाए गए हैं। वहीं, औद्योगिक नगरी कानपुर नगर ने भी हरित ऊर्जा को अपनाने में तेजी दिखाई और 43,289 रूफटॉप सोलर संयंत्रों के साथ देश में 14वां स्थान हासिल किया है।

राष्ट्रीय टॉप-100 सूची में शामिल अन्य जिलों में बरेली 24वें, आगरा 29वें, प्रयागराज 37वें, झांसी 51वें, रायबरेली 56वें, गोरखपुर 70वें, सहारनपुर 73वें, मुजफ्फरनगर 75वें, मेरठ 78वें, बाराबंकी 79वें, अलीगढ़ 81वें, शाहजहांपुर 86वें, सीतापुर 88वें और उन्नाव 90वें स्थान पर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि रूफटॉप सोलर योजना से लोगों को दोहरा फायदा मिल रहा है। एक तरफ जहां बिजली के बढ़ते खर्च से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय का अवसर भी पैदा हो रहा है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल रही है।

प्रदेश में इस अभियान को गति देने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इसके अलावा सब्सिडी वितरण की व्यवस्था को भी पारदर्शी और तेज किया गया है। डिस्कॉम विभागों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग तेजी से सोलर ऊर्जा अपना रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रदेश को क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए। लखनऊ का लगातार नंबर-1 स्थान पर बने रहना और 17 जिलों का राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में पहुंचना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में हरित ऊर्जा को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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