UP : निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया आसान

Update: 2026-05-13 09:28 GMT

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के हित में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश के निर्माण श्रमिक अपने आधार कार्ड और पिछले 90 दिनों के कार्य प्रमाण के आधार पर आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगे। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए श्रमिकों के अधिक से अधिक पंजीकरण पर जोर दिया है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर पात्र निर्माण श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी बनाया गया है।

पंजीकृत श्रमिकों को सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलेगा। इनमें पेंशन योजना, स्वास्थ्य उपचार सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और कन्या विवाह सहायता योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

बोर्ड के अनुसार, पंजीकरण के लिए श्रमिकों को केवल आधार कार्ड और 90 दिन के कार्य का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद वे आसानी से योजना के अंतर्गत पंजीकृत हो सकेंगे और सभी लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही सरकार ने श्रमिकों को जागरूक करने और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। यदि कोई व्यक्ति श्रम योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है या किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो उसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001805412 जारी किया गया है, जिस पर श्रमिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में पंजीकरण या लाभ दिलाने के लिए किसी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं से जुड़ सकेंगे और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

फिलहाल राज्यभर में श्रमिकों के पंजीकरण अभियान को तेज कर दिया गया है और विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक इन योजनाओं से वंचित न रह जाए।

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