शिव चौक पर सुरक्षा का मजबूत घेरा, ATS के टीथर्ड ड्रोन और RAF संभालेंगे मोर्चा
मुजफ्फरनगर : विश्व प्रसिद्ध श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। इस बार कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ आधुनिक तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शिवभक्तों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) की विशेष ड्रोन यूनिट को मुजफ्फरनगर में तैनात किया गया है।
सोमवार को एटीएस की टीम ने शहर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल शिव चौक के सामने स्थित एसडी मार्केट की छत पर हाईटेक टीथर्ड ड्रोन सिस्टम स्थापित कर दिया। यह ड्रोन अब पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी करेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आसमान से होगी हर गतिविधि पर नजर
एटीएस द्वारा लगाया गया टीथर्ड ड्रोन अत्याधुनिक निगरानी तकनीक से लैस है। यह ड्रोन एक निश्चित स्थान से जुड़े रहकर लंबे समय तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसकी मदद से शिव चौक, आसपास के प्रमुख मार्गों, कांवड़ यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
ड्रोन के जरिए भीड़ की स्थिति, यातायात व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति या आपात सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।
रात में भी जारी रहेगी निगरानी
इस हाईटेक ड्रोन में आधुनिक कैमरों के साथ हाई-इंटेंसिटी लाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इसकी वजह से रात के समय भी पूरे क्षेत्र की स्पष्ट निगरानी की जा सकेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जाएगी।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। ड्रोन से मिलने वाली लाइव वीडियो फीड के आधार पर पुलिस बल को जरूरत के अनुसार तत्काल निर्देश दिए जा सकेंगे।
लखनऊ मुख्यालय से भी होगी निगरानी
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, टीथर्ड ड्रोन से मिलने वाली लाइव वीडियो फीड सीधे लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय तक पहुंचेगी। इससे स्थानीय पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी भी कांवड़ यात्रा क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
इस व्यवस्था से सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में तेजी से निर्णय लेकर कार्रवाई की जा सकेगी।
शिव चौक पर आरएएफ की तैनाती
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए शिव चौक पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की विशेष टीम भी तैनात की गई है। आरएएफ की 16 सदस्यीय टीम को दो शिफ्टों में बांटा गया है। आठ जवान दिन में और आठ जवान रात में ड्यूटी संभालेंगे।
आरएएफ जवानों को भीड़ नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है।
ड्रोन, पुलिस और आरएएफ मिलकर संभालेंगे मोर्चा
कांवड़ यात्रा के दौरान स्थानीय पुलिस, एटीएस, आरएएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। ड्रोन से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर जरूरत पड़ने पर संबंधित स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जाएगा।
मंगलवार को एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारी शिव चौक पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की अंतिम समीक्षा करेंगे। इस दौरान ड्रोन सिस्टम, कंट्रोल नेटवर्क, संचार व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा को तकनीक आधारित सुरक्षा कवच दिया गया है। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क, कंट्रोल रूम और सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाई जा सके।