शहडोल। बाणसागर मुख्य बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद जलस्तर को पूर्ण भराव स्तर पर बनाए रखने के लिए शुक्रवार को बांध के तीन रेडियल गेट खोल दिए गए। बांध से अतिरिक्त पानी स्पिलवे के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग लगातार बांध में आने वाले पानी और जलस्तर की निगरानी कर रहा है। पानी की आवक में और बढ़ोतरी होने पर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 10:30 बजे बांध के गेट संख्या नौ की ओपनिंग को बढ़ाया गया। पहले इस गेट को 0.20 मीटर खोला गया था, जिसे बढ़ाकर 0.25 मीटर कर दिया गया। इसके साथ ही गेट संख्या 10 और 11 को भी 0.25-0.25 मीटर खोल दिया गया। इस तरह बांध के तीन रेडियल गेटों से पानी की निकासी की जा रही है।
तीनों रेडियल गेटों के माध्यम से स्पिलवे से कुल 158 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बांध में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए जलस्तर को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों की ओर से बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बाणसागर मुख्य बांध के स्पिलवे के अलावा पावर हाउस क्रमांक तीन से भी सोन नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों स्रोतों से निकलने वाले पानी को मिलाकर वर्तमान में सोन नदी में कुल 332.30 क्यूमेक्स जलप्रवाह हो रहा है। पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी के प्रवाह में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक बांध में आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर गेटों की ओपनिंग और डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा रहा है। यदि जलग्रहण क्षेत्र से बांध में पानी की आवक और बढ़ती है तो जरूरत के अनुसार डिस्चार्ज भी बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए बांध की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाणसागर बांध में जलस्तर को पूर्ण भराव स्तर पर बनाए रखना जरूरी होता है। जब बांध में पानी की आवक निर्धारित स्तर से अधिक होने लगती है तो अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी क्रम में शुक्रवार को तीन रेडियल गेटों को खोलकर स्पिलवे से पानी छोड़ा गया।
सुबह 10:30 बजे की गई कार्रवाई के तहत गेट संख्या नौ की ओपनिंग में 0.05 मीटर की बढ़ोतरी की गई। वहीं दो अन्य गेटों को भी समान स्तर तक खोला गया है। तीनों गेट फिलहाल 0.25 मीटर खुले हैं। इनसे कुल 158 क्यूमेक्स पानी की निकासी हो रही है।
स्पिलवे और पावर हाउस क्रमांक तीन से छोड़ा जा रहा पानी सीधे सोन नदी के प्रवाह को प्रभावित कर रहा है। वर्तमान में कुल 332.30 क्यूमेक्स पानी नदी में पहुंच रहा है। ऐसे में नदी के जलस्तर और प्रवाह की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में बदलाव होने पर नदी में जलप्रवाह भी उसी के अनुसार बदल सकता है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पानी की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। जलग्रहण क्षेत्र से आने वाला पानी बांध के जलस्तर को प्रभावित करता है। यदि आवक तेजी से बढ़ती है तो जलस्तर को निर्धारित सीमा में रखने के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने की आवश्यकता पड़ सकती है।
बांधों में पानी की आवक और निकासी के बीच संतुलन बनाए रखना जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूर्ण भराव स्तर के आसपास पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी को चरणबद्ध तरीके से छोड़कर जलस्तर नियंत्रित किया जाता है। बाणसागर बांध में भी इसी प्रक्रिया के तहत रेडियल गेटों का संचालन किया जा रहा है।
फिलहाल तीन गेटों से स्पिलवे के जरिए 158 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि पावर हाउस क्रमांक तीन से निकलने वाले पानी को मिलाकर सोन नदी में कुल जलप्रवाह 332.30 क्यूमेक्स है। विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बांध में पानी की आवक आगे कितनी रहती है, उसी आधार पर गेटों के संचालन को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। यदि पानी की आवक मौजूदा स्तर पर रहती है तो डिस्चार्ज को उसी के अनुरूप नियंत्रित किया जाएगा, जबकि आवक बढ़ने पर गेटों की ओपनिंग बढ़ाकर अधिक पानी छोड़ा जा सकता है।
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाणसागर मुख्य बांध के जलस्तर को पूर्ण भराव स्तर पर बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। शुक्रवार सुबह तीन रेडियल गेट खोलने के बाद अतिरिक्त पानी की नियंत्रित निकासी जारी है। विभाग बांध में आने वाले पानी, गेटों से होने वाले डिस्चार्ज और सोन नदी के जलप्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए है।