ठग ने ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर साढ़े पांच करोड़ रुपये ठगे

शिकायत के बाद केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

Update: 2024-05-15 08:54 GMT

गाजियाबाद: इंदिरापुरम की ऑरेंज काउंटी सोसाइटी में रहने वाले कांट्रेक्टर ने ट्रेडिंग से मुनाफे के लालच में साढ़े पांच करोड़ रुपये गंवा दिए. शिकायत के बाद केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

ऑरेंज काउंटी सोसाइटी में रहने वाले अरविंद चौधरी ने साइबर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि वह निवेशक हैं और मनी कंट्रोल वेबसाइट के सक्रिय उपयोगकर्ता हैं. 14 मार्च को उन्हें व्हॉट्सऐप पर मैसेज मिला. मैसेज भेजने वाले ने खुद को मनी कंट्रोल का ग्राहक एजेंट बताया. उसने स्टॉक विश्लेषण के लिए व्हॉट्सऐप ग्रुप में शामिल होने के लिए प्रेरित किया. साथ ही कहा कि ग्रुप में उन्हें विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण और मार्गदर्शन मिलेगा. भरोसा करते हुए वह ग्रुप में जुड़ गए.

ग्रुप का एडमिन देव शाह नाम का व्यक्ति था और कलिस्ता शर्मा उसकी निजी सहायक थी. देव शाह ने अपना परिचय कैपिटल इनकम बिल्डर के निवेश प्रबंधक के रूप में दिया. अरविंद चौधरी का कहना है कि देव शाम वर्चुअल मीटिंग कर कंपनी में संस्थागत ट्रेडिंग के महत्व के बारे में बताता था. साथ ही दावा करता था उनकी कंपनी स्टॉक, बॉंड और फंड सहित निवेश का विकल्प प्रदान करती है. अरविंद चौधरी के मुताबिक आरोपी मोटी कमाई का लालच देकर कंपनी में ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए प्रेरित करते थे.

आरोपियों के झांसे में आकर उन्होंने भी ट्रे़डिंग का खाता खोल लिया. वह सीधे पैसा निवेश नहीं कर सकते थे. कलिस्ता शर्मा उन्हें खाते नंबर बताती और उनमें पैसा भेजा जाता था. इसके अलावा 22 मार्च को उन्हें अन्य व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जो ब्लैक स्टोन कंपनी का था. ब्लैक स्टोन कंपनी में भी उन्होंने ट्रेडिंग का खाता खोला और रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी. दस 2024 को उन्होंने सबसे पहला निवेश 10 लाख रुपये का किया, जिसके बदले में उन्हें वर्चुअल मुनाफा दिखाया गया.

इसके बाद आरोपियों ने धीरे-धीरे करके उनसे पांच करोड़ 58 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उन्हें इजाजत नहीं दी गई. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ.

पुलिस ने 40 लाख रुपये होल्ड कराए: एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि अरिवंद चौधरी पेशे से कांट्रेक्टर हैं. उन्होंने ट्रेडिंग से मुनाफे के लालच में आकर साढ़े पांच करोड़ रुपये गंवा दिए. शिकायत के आधार पर साइबर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 40 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं, जिन्हें रिलीज कराने की प्रक्रिया जारी है. मोबाइल और खाता नंबरों के आधार पर जालसाजों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है.

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