नोएडा : उत्तर प्रदेश के थाना बीटा-2 क्षेत्र में एच्क्षर गांव के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में कार्यरत मैनेजर और कर्मचारियों की मिली भगत से दर्जनों लोगों के करोड़ों रुपए की रकम की गबन की सूचना पाकर आज सुबह से ही बैंक पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार दिखाई दी। लोगों में अफवाह फैल गई की बैंक में जमा रकम बैंक के मैनेजर और कर्मचारियों ने हड़प ली है। बैंक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। काफी संख्या में लोग विगत तीन दिनों से लगातार बैंक के बाहर हंगामा कर रहे हैं। इस मामले में बैंक मैनेजर सहित 6 लोगों के खिलाफ बैंक द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है इसकी जांच बैंक द्वारा विशेष टीम बनाकर की जा रही है। बैंक के अधिकारियों ने लोगों की रकम को जल्द से जल्द वापस करने का भरोसा दिया है। लेकिन लोगों का विश्वास पीएनबी बैंक पर नहीं जम रहा है। ज्यादातर लोग अपनी पूरी रकम खाते से निकालने पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से अन्य लोगों की रकम हड़प ली गई, उनकी भी रकम हड़प ली जाएगी।

पंजाब नेशनल बैंक की गौतम बुद्ध नगर में करीब 60 शाखाएं हैं। इस घोटाले की खबर के बाद सभी बैंकों के खाताधारको में आशंका है कि उनकी रकम भी हड़प ली जाएगी। वही निलंबित कर्मचारियों की जगह नए स्टाफ ने आज से अपना काम संभाल लिया है। इस मामले में शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को बैंक द्वारा निलंबित किया गया है। कुछ कर्मचारियों को शाखा से हटा दिया गया है। बैंक के अंदर वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। वे लोग खाता धारकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन लोग बैंक के किसी भी अधिकारी की बात पर विश्वास करने को तैयार नहीं है। लोगों का कहना है कि पहले भी पीएनबी बैंक में बड़े-बड़े घोटाले हुए हैं। लोगों को आशंका है कि उनकी रकम डूब गई है।

पीड़ित सोनू सागर ने बताया कि मेरे पिता का खाता इस बैंक में करीब 20 साल से है। उन्होंने कहा कि 88 लाख रुपए का बचत खाता से और 25 लाख की एफडी तोड़कर गबन किया गया है। उन्होंने बिल्डर को 2 लाख का चेक दिया था। जब चेक बाउंस हुआ तो उन्हें पता चला कि उनकी रकम खाते से कहीं और ट्रांसफर कर दी गई थी। उनके अनुसार एक हफ्ते पहले उन्होंने अपना पासबुक अपडेट करवाया था, तो उसमें 88 लाख रुपया था। इसके बाद उन्हें गबन की जानकारी हुई। पीड़ित के अनुसार बैंक के कर्मचारियों /अधिकारियों ने मिली भगत करके उनके पिता के बैंक में रकम निकालने पर फोन पर आने वाले अलर्ट को बंद कर दिया, जिसके वजह से उन्हें पैसे निकालने की जानकारी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बैंक के कर्मचारी और अधिकारी वर्ष 2025 से गबन कर रहे हैं।

पीड़ित आकाश भाटी ने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है। वह इलाज करवाने के लिए पैसे लेने आए थे। उन्होंने जब बैंक में चेक किया तो पता चला कि उनकी एफडी तोड़कर रकम ट्रांसफर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बीमार है। वह उसका उपचार कैसे करवाएंगे। उनके अनुसार उनकी बेटी पैरालाइज है। उनके पास दवा के भी पैसे नहीं है। उनकी कुल जमा पूंजी बैंक वालों ने हड़प लिया है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इसी तरह से कई खाताधारकों ने कहा कि उन्हें पैसे की जरूरत थी। जब उन लोगों ने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उन्हें इस घोटाले का पता चला। किसी के घर पर शादी है, किसी को मकान बनवाना है, तो किसी के बच्चों की पढ़ाई की फीस, दवाई के पैसे जाने है। खाताधारकों के अनुसार ज्यादातर किसान लोग ने इस बैंक के शाखा में जमीन अधिग्रहण से मिले पैसे जमा कराए थे। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी और सेक्टर में रहने वाले लोगों का भी यहां पर खाता और फिक्स डिपाजिट है। शहरी और ग्रामीण हर वर्ग के लोग बैंक पर पहुंच रहे हैं। आज भारी संख्या में महिलाएं भी बैंक के बाहर लाइन में खड़ी हुई दिखाई दी। उनका कहना है कि महिलाओं के लिए अलग से काउंटर होता है। वे अपनी रकम जल्द से जल्द निकलना चाह रही हैं।

इस मामले में पीड़ित श्रीचंद ने बताया कि उनकी जमीन के अधिग्रहण के बाद मुआवजा मिला था। उक्त राशि को उन्होंने तथा अन्य किसानों ने सुरक्षित समझकर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा में फीस डिपाजिट करवाया था तथा कुछ किसानों ने अपने खाते में रकम जमा कराई थी। बैंक के मैनेजर और कर्मचारियों ने उनके खाते से रकम निकाल ली तथा उनकी एफडी को समय से पहले तोड़कर किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिया। पीड़ित सरोज ने बताया कि उन्होंने अपने पैसे को बैंक में यह सोच कर रखा था कि उनका पैसा सुरक्षित है, लेकिन बैंक के लोगों ने धोखाधड़ी कर उनकी रकम हड़प ली। उनके अनुसार उनका बैंक से विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी बैंक ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी अपना पैसा कहां रखें। उनके अनुसार एक तरफ साइबर अपराधी लोगों की रकम हड़प रहे हैं, तो दूसरी तरफ बैंक के कर्मचारी। आम आदमी जाए तो कहां जाए।

इस मामले में थाना बीटा- दो पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त जोन तृतीय श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि बैंक के बाहर सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि थाना बीटा- दो में श्री चंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनका पीएनबी बैंक में खाता है। वहां पर उन्होंने एक करोड़ 16 लाख रुपए की एफडी कराई थी। उनके अनुसार बैंक के लोगों ने धोखाधड़ी करके उनकी एफडी समय से पूर्व तोड़ दी तथा उनकी रकम को उनके खाते की बजाए किसी और के खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा करतारी के एफडी के 98 लाख, 70 हजार रुपए, अमिचंद के एफडी के 10 लाख 34 हजार 466 रुपए, विजयपाल के एफडी के एक करोड़ से ज्यादा, सुभाष के एफडी के एक करोड़ से ज्यादा, देशराज के एफडी से एक करोड़ 18 लाख, श्रीमती सरोज के खाते से 76 लाख, विजेंद्र के खाते से 88 लाख और एफडी के 25 लाख, रणपाल के खाते से 90 लाख 43 हजार रुपए,धर्म सिंह के खाते से 22 लाख, हनीफ के खाते से 40 लाख, सोनू के खाते से एक करोड़ 75 हजार,जगदीश के खाते से 23 लाख, श्रीमती सुनीता के खाते से 80 लाख, आकाश भाटी के खाते से 10 लाख, अतेंद्र के खाते से 15 लाख, चतर सिंह के खाते से 8 लाख, विनीत भाटी के खाते से 25 लाख, संजय के खाते से 10 लाख, बसंती के खाते से 13 लाख, गजेंद्र के खाते से 30 लाख रुपए फर्जी तरीके से दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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