Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर अमेरिकी सेना के कथित हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों में से एक शिवानंद चौरसिया का शव बुधवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
शिवानंद चौरसिया एक विदेशी शिपिंग कंपनी के टैंकर पर इंजन फिटर के रूप में कार्यरत थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद से ही परिवार और गांव में गहरा दुख व्याप्त था। बुधवार तड़के उनका शव मस्कट से दिल्ली हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां से आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव को विमान के माध्यम से गोरखपुर एयरपोर्ट भेजा गया और फिर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव सुरौली पहुंचाया गया।
गांव में जैसे ही शव पहुंचा, वहां का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। शिवानंद चौरसिया की पत्नी, माता-पिता और भाई की हालत अत्यंत दुखद हो गई और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
इस दुखद घटना के बीच गांव में प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई। कई पुलिस टीमें और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस घटना पर गहरा दुख जताया।
जानकारी के अनुसार, शिवानंद चौरसिया अपने काम के लिए लंबे समय से समुद्री क्षेत्र में सेवा दे रहे थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभाल रहे थे। उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आगे की कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। वहीं परिवार की सहायता के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।
इस घटना ने क्षेत्र में गहरा शोक पैदा कर दिया है और लोग इसे एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल गांव में माहौल शांत लेकिन शोकपूर्ण बना हुआ है।