बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने वाराणसी के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र के रमसीपुर गांव से दिल्ली जा रही एक थार गाड़ी अचानक सड़क पर आए पशु से टकराकर अनियंत्रित हो गई और पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 48 वर्षीय कुसुम मिश्रा और उनके 28 वर्षीय बेटे शिवम मिश्रा की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य शुभम मिश्रा और सचिन मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और रमसीपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
दिल्ली जाते समय बदायूं के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र स्थित रमसीपुर गांव के रहने वाले राजेश मिश्रा का दिल्ली के करोल बाग इलाके में रेस्टोरेंट का कारोबार है। उनका परिवार थार गाड़ी से दिल्ली जा रहा था।वाहन में राजेश मिश्रा की पत्नी कुसुम मिश्रा, बेटे शिवम मिश्रा और शुभम मिश्रा के साथ सचिन मिश्रा सवार थे। बताया गया कि गाड़ी शिवम चला रहे थे।मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की देर रात बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के दौरान अचानक वाहन के सामने एक पशु आ गया।वाराणसी की स्थानीय रिपोर्ट में इस पशु को नीलगाय बताया गया है। वाहन उससे टकराने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वाहन में सवार चारों लोग बुरी तरह घायल हो गए।
गंगा एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 221 के पास दुर्घटना
बदायूं से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना मंगलवार रात लगभग 11 बजे गंगा एक्सप्रेसवे पर पिलर संख्या 221 के आसपास हुई।बताया गया कि अचानक सड़क पर पशु के आने से चालक को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद थार कई बार पलटी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।हादसे के कारण वाहन में बैठे सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए।दुर्घटना के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
कुसुम और शिवम की मौत से परिवार में मातम
वाराणसी से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 48 वर्षीय कुसुम मिश्रा और उनके बेटे 28 वर्षीय शिवम मिश्रा की मौत हो गई।मां और बेटे की एक साथ मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।जिस परिवार के सदस्य दिल्ली पहुंचने के लिए घर से निकले थे, उनके साथ रास्ते में इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाएगी, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।परिवार में हुई दो मौतों से रिश्तेदार और परिचित भी दुखी हैं।हालांकि, शुरुआती बदायूं रिपोर्टों में मृतकों की पहचान और मृत्यु के समय को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई थीं। वाराणसी की बाद की रिपोर्टों में मृतकों के नाम कुसुम मिश्रा और शिवम मिश्रा बताए गए हैं।
शुभम और सचिन गंभीर रूप से घायल
इस दुर्घटना में थार में सवार शुभम मिश्रा और सचिन मिश्रा भी गंभीर रूप से घायल हो गए।शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों घायलों को दातागंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था।वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए बरेली के उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था की गई।घायल सचिन मिश्रा ने अस्पताल में बताया था कि परिवार वाराणसी से दिल्ली की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर एक पशु आने से वाहन उससे टकरा गया और पलट गया।चिकित्सकों की ओर से घायलों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल से सूचना मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना स्थल हजरतपुर थाना क्षेत्र में आता है।इसके बाद संबंधित थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।दातागंज के क्षेत्राधिकारी अशेष नाथ सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने पर हजरतपुर पुलिस को घटनास्थल से संबंधित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।वहीं, दुर्घटनाग्रस्त थार को एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम ने रास्ते से हटाकर डहरपुर इंटरचेंज के पास खड़ा कराया।पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं की जांच कर रही है।
हरिश्चंद्र घाट पर हुआ मां-बेटे का अंतिम संस्कार
हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी घटनास्थल की ओर रवाना हुए।बाद में मृतकों के शव वाराणसी लाए गए। मां-बेटे की मौत की खबर से रमसीपुर गांव में शोक का माहौल बन गया।राजेश मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।वाराणसी की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, कुसुम मिश्रा और शिवम मिश्रा का अंतिम संस्कार शहर के हरिश्चंद्र घाट पर किया गया।एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव के लोग भी गमगीन हो गए।
एक्सप्रेसवे पर अचानक पशु आने से बढ़ता है हादसे का खतरा
इस दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर आवारा और जंगली पशुओं की आवाजाही से होने वाले खतरों का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।विशेषज्ञों के अनुसार, तेज रफ्तार से चल रहे वाहन के सामने अचानक कोई पशु आ जाए, तो चालक के लिए वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।खासकर रात के समय कम दृश्यता के कारण पशु को समय रहते देख पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने या तेजी से स्टीयरिंग मोड़ने पर वाहन के पलटने का खतरा भी बढ़ जाता है।हालांकि, इस दुर्घटना में वाहन की वास्तविक रफ्तार या किसी अन्य तकनीकी कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रात में वाहन चलाते समय जरूरी हैं सावधानियां
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं।विशेष रूप से रात के समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और सड़क पर अचानक सामने आने वाली बाधाओं के प्रति सतर्क रहना जरूरी है।वाहन में सवार सभी यात्रियों को सीट बेल्ट लगानी चाहिए। यह दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट और मृत्यु के जोखिम को कम करने में सहायक होती है।लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को पर्याप्त आराम भी करना चाहिए।यदि सड़क पर अचानक पशु दिखाई दे, तो वाहन को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षित तरीके से गति कम करना महत्वपूर्ण है।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना ने तेज रफ्तार मार्गों पर पशुओं की आवाजाही रोकने के उपायों की अहमियत सामने रखी है।ऐसे मार्गों पर सुरक्षित फेंसिंग, नियमित निगरानी और सड़क पर आने वाले पशुओं की समय पर सूचना दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद कर सकती है।इसके अलावा दुर्घटना होने की स्थिति में एंबुलेंस और राहत-बचाव सेवाओं की त्वरित उपलब्धता भी जरूरी है।इस हादसे में यूपीडा की एंबुलेंस सेवा ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी।
दो मौतों से रमसीपुर गांव में शोक
वाराणसी के रमसीपुर गांव के लिए यह दुर्घटना बेहद दुखद साबित हुई।कुसुम मिश्रा और उनके बेटे शिवम मिश्रा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, शुभम और सचिन के घायल होने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।दुर्घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की सड़क यात्राओं के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता को उजागर किया है।