वाराणसी-मथुरा में दान राशि पर सख्ती

Update: 2026-06-30 09:01 GMT

अयोध्या। राम मंदिर में दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कथित दान चोरी के मामले ने देश के सबसे बड़े धार्मिक नकद संग्रह अभियानों में से एक की व्यवस्थाओं में गंभीर खामियों को उजागर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट को 11 महीनों में करीब 82.78 करोड़ रुपये का दान मिला, जबकि ब्याज सहित कुल आय 220.81 करोड़ रुपये तक पहुंची। इसके बावजूद दान प्रबंधन की संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, दान पेटियों से 54.79 करोड़ रुपये, काउंटर से 18.88 करोड़ रुपये, ऑनलाइन माध्यम से 8.33 करोड़ रुपये और विदेशी योगदान से 78 लाख रुपये प्राप्त हुए। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि निर्माण कार्य के बाद भी लगभग 2100 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे गए हैं।

जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि संदिग्ध गड़बड़ी केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कैश हैंडलिंग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों का परिणाम है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लगभग 40 दान पेटियों से निकली नकदी बैंक तक पहुंचने से पहले कई मैन्युअल प्रक्रियाओं से गुजरती थी, जिसमें स्पष्ट जिम्मेदारी और स्वतंत्र सत्यापन की कमी पाई गई।

जांच में सीसीटीवी निगरानी, रिकॉर्ड रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि कैश हैंडलिंग में पुलिस या सरकारी सुरक्षा बल की जगह निजी एजेंसी को क्यों लगाया गया। तुलना में वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दान व्यवस्था अधिक सख्त बताई गई है। इन मंदिरों में दान पेटियों की गिनती मजिस्ट्रेट और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में सीसीटीवी निगरानी में होती है, साथ ही सभी लेनदेन का ऑडिट और तुरंत बैंक जमा की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में डिजिटल दान प्रणाली और मजबूत स्ट्रॉन्ग रूम व्यवस्था लागू है, जबकि बांके बिहारी मंदिर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी निगरानी करती है। फिलहाल SIT की जांच जारी है और आने वाले समय में दान प्रबंधन प्रणाली में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

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