लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो चुका है और जल्द ही शीर्ष नेतृत्व इसकी औपचारिक घोषणा करेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी। राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय होने का दावा
समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस एक साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। दोनों दल विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के तहत अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।राजभर के मुताबिक, सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत पूरी हो चुकी है। अब केवल शीर्ष नेतृत्व की ओर से औपचारिक घोषणा होना बाकी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव जीतना है।हालांकि, अभी तक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सीट बंटवारे के किसी अंतिम समझौते की संयुक्त घोषणा नहीं की गई है। किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इसकी आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
26 नवंबर को जारी होगा सपा का घोषणापत्र
रमाशंकर राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी 26 नवंबर को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी।उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है। घोषणापत्र के जरिए पार्टी जनता के सामने अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं को रखेगी।चुनावी घोषणापत्र में किन मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि रोजगार, शिक्षा, किसानों की समस्याएं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
कांग्रेस ने समिति बनाने की कही थी बात
राजभर का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस की ओर से सीट बंटवारे को लेकर अलग प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है।उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया था कि कांग्रेस अपनी चुनावी तैयारियां कर रही है और गठबंधन की सीटों को लेकर जल्द चर्चा शुरू की जाएगी।गौतम ने गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी की जरूरत पर जोर दिया था। उनका कहना था कि दोनों दलों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए चुनावी रणनीति तैयार करनी चाहिए।
सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच हिस्सेदारी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।कांग्रेस के कुछ नेताओं ने गठबंधन के तहत अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं का जोर उन सीटों पर चुनाव लड़ने पर है, जहां संबंधित दल की जीत की संभावनाएं मजबूत हों।कांग्रेस की ओर से लगभग 180 सीटों की सूची तैयार किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इसे अंतिम मांग या समझौता नहीं माना जा सकता।
2027 के चुनाव पर दोनों दलों की नजर
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। दोनों दलों का उद्देश्य सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ संयुक्त चुनावी चुनौती पेश करना है।वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। अब विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।राजनीतिक दृष्टि से सीट बंटवारे पर जल्द सहमति बनना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उम्मीदवारों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।फिलहाल सभी की नजरें दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं। औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कितनी-कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगी।