दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटा गिरफ्तार नौकर ने खोला बड़ा राज
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में देर रात बेटे सुब्रत को गिरफ्तार
कानपुर: दवा कारोबारी हत्याकांड में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया है। वहीं पूछताछ के दौरान नौकर की ओर से किए गए कथित खुलासे ने हत्याकांड की कहानी को नया मोड़ दे दिया। नौकर ने पुलिस के सामने दावा किया कि हत्या शालू ने नहीं, बल्कि सुब्रत ने करवाई थी। अब पुलिस इस बयान को अन्य साक्ष्यों से मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
दवा कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस लगातार परिवार और कारोबारी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही थी। जांच में शालू और सुब्रत का नाम सामने आने के बाद दोनों से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ किए जाने की बात सामने आई थी। अब नौकर के कथित बयान के बाद जांच का फोकस सुब्रत की भूमिका पर बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि पूछताछ में नौकर ने दावा किया कि दवा कारोबारी की हत्या की साजिश के पीछे सुब्रत था। हालांकि पुलिस के सामने दिया गया कोई बयान अपने आप में दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं होता। जांच एजेंसी को इसकी पुष्टि मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल बातचीत, बैंक लेन-देन और अन्य भौतिक साक्ष्यों से करनी होगी।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अगर हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी तो इसकी तैयारी कब और कैसे शुरू हुई। वारदात में किन लोगों की भूमिका रही और कथित तौर पर हत्या करने वालों से संपर्क किसने किया, जैसे सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। घटना से पहले और बाद में संदिग्ध लोगों की लोकेशन भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
हत्याकांड में शालू की भूमिका को लेकर भी पहले कई सवाल उठे थे। अब नौकर के कथित बयान में शालू के बजाय सुब्रत का नाम सामने आने के बाद पुलिस दोनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग लोगों द्वारा दिए गए बयानों में कहां समानता और कहां विरोधाभास है।
पुलिस हत्या के पीछे संभावित मकसद को भी स्पष्ट करने में जुटी है। पारिवारिक विवाद, संपत्ति, आर्थिक लेन-देन अथवा अन्य व्यक्तिगत कारणों सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जा सकती है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य लोगों तक भी पहुंचने का प्रयास कर सकती है।
सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस उसे अदालत में पेश कर सकती है और आवश्यकता होने पर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। इस दौरान हत्याकांड से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने का काम भी जारी रहेगा।
फिलहाल नौकर द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं और उनका स्वतंत्र साक्ष्यों से सत्यापन जरूरी है। सुब्रत पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दवा कारोबारी की हत्या की पूरी साजिश क्या थी और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।