बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सांप पकड़ने का शौक एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम मुनक्कीपुरवा में पूजा पंडाल के दौरान जहरीले कोबरा सांप का तमाशा दिखाते समय पहले बेटे को सांप ने डस लिया। बेटे को बचाने के लिए आगे आए पिता को भी कोबरा ने डस लिया। इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और पूजा पंडाल में मौजूद लोगों के बीच दहशत फैल गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र को सांप पकड़ने का शौक था और वे पूजा पंडाल में कोबरा का प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सांप ने पहले बेटे को काट लिया। बेटे को संकट में देखकर पिता उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन इस कोशिश में वह भी सांप के हमले का शिकार हो गए। घटना ने एक बार फिर जहरीले सांपों के साथ खिलवाड़ करने के खतरों को सामने ला दिया है।
पूजा पंडाल में अचानक मची अफरा-तफरी
ग्राम मुनक्कीपुरवा में पूजा पंडाल में धार्मिक आयोजन के दौरान कोबरा सांप का तमाशा दिखाया जा रहा था। आमतौर पर ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग जुटते हैं। ऐसे में सांप के अचानक हमला करने से मौके पर मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पहले बेटे को कोबरा ने डस लिया। इसके बाद पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन सांप ने उन्हें भी काट लिया। कुछ ही समय में स्थिति गंभीर हो गई। जहरीले सांप के काटने की घटना सामने आने के बाद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई।
हालांकि, घटना के बाद पिता-पुत्र की हालत, उन्हें अस्पताल ले जाने और उपचार से जुड़ी विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। उनकी स्थिति और घटना के अंतिम परिणाम के बारे में पुख्ता जानकारी सामने आने पर ही स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।
सांप के साथ करतब दिखाना बन सकता है जानलेवा
कोबरा भारत में पाए जाने वाले अत्यंत जहरीले सांपों में शामिल है। इसके काटने से शरीर में जहर फैल सकता है, जिससे सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में कमजोरी और अन्य गंभीर लक्षण पैदा हो सकते हैं। समय पर उचित चिकित्सा न मिलने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
सांप को पकड़ना या उसके साथ करतब दिखाना प्रशिक्षित और अधिकृत विशेषज्ञों के लिए भी जोखिम भरा काम है। किसी सांप को हाथ में लेना, उसे उकसाना या लोगों के सामने प्रदर्शन करना अप्रत्याशित हमले का कारण बन सकता है। कोबरा जैसे जहरीले सांपों से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि किसी स्थान पर जहरीला सांप दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लोगों को सुरक्षित दूरी पर हट जाना चाहिए और प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू कर्मियों या संबंधित वन विभाग की सहायता लेनी चाहिए।
सांप काटने पर तुरंत क्या करें?
सांप के काटने की घटना में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां चिकित्सक उसकी स्थिति के अनुसार उपचार कर सकें। जरूरत पड़ने पर एंटी-स्नेक वेनम यानी सांप के जहर का असर कम करने वाली दवा दी जा सकती है।
ऐसी स्थिति में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है:
पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें।
काटे गए अंग को यथासंभव स्थिर रखें।
घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई घरेलू पदार्थ लगाने की कोशिश न करें।
प्रभावित अंग पर कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें।
झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे अन्य लोगों को भी खतरा हो सकता है।
सांप की पहचान करने के लिए उसके पास जाना भी उचित नहीं है। चिकित्सकों को उपचार के लिए सांप को पकड़कर लाने की जरूरत नहीं होती।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की जरूरत
बाराबंकी की यह घटना ग्रामीण इलाकों में सांपों से जुड़े जोखिमों और जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पूजा-पंडालों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी जहरीले जीव को मनोरंजन का साधन बनाना लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है।
आयोजकों को चाहिए कि धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ऐसी गतिविधियों की अनुमति न दें, जिनसे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यदि परिसर में सांप दिखाई दे, तो भीड़ को दूर हटाकर विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। बच्चों और युवाओं को भी यह समझाना जरूरी है कि सांप पकड़ने का शौक या उसके साथ करतब दिखाने की कोशिश गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
शौक के साथ सुरक्षा भी जरूरी
सतरिख थाना क्षेत्र के मुनक्कीपुरवा में हुई घटना ने दिखाया कि सांपों के साथ थोड़ी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। बेटे को बचाने की कोशिश में पिता का भी सांप के काटने का शिकार होना इस घटना को और गंभीर बनाता है। हालांकि, पिता-पुत्र की मौजूदा स्थिति और उपचार संबंधी विवरण की पुष्टि होने के बाद ही घटना के परिणाम पर अंतिम जानकारी दी जा सकती है।
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