स्मार्ट मीटर का डाटा गायब, समय से बिल देने वाले उपभोक्ता का कटा कनेक्शन
गोरखपुर। मोहद्दीपुर क्षेत्र में बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। चार किलोवाट क्षमता का बिजली कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ता हरिकेश के घर शनिवार सुबह अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। खास बात यह रही कि उपभोक्ता नियमित रूप से हर महीने बिजली का बिल समय से जमा करते हैं। इसके बावजूद अचानक कनेक्शन कटने से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। जांच में सामने आया कि पुराने जीनस कंपनी के स्मार्ट मीटर का डाटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। इसके बाद बिजली विभाग ने पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगाया, जिसके बाद घर की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
मोहद्दीपुर निवासी हरिकेश के घर पर चार किलोवाट क्षमता का बिजली कनेक्शन है। गर्मी के मौसम में उनके घर का बिजली बिल करीब सात हजार रुपये प्रतिमाह आता है। हरिकेश के मुताबिक वह बिजली विभाग का बिल नियमित रूप से समय पर जमा करते हैं। इस महीने भी बिल जमा करने की अंतिम तिथि 25 तारीख निर्धारित थी। उन्होंने तय किया था कि सोमवार को बिल जमा कर देंगे, लेकिन इससे पहले ही शनिवार सुबह उनके घर की बिजली काट दी गई।
अचानक बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद हरिकेश ने घर के मीटर की जांच की। मीटर में लाल लाइट जल रही थी। इससे उन्हें लगा कि बिजली कनेक्शन या मीटर में किसी तरह की तकनीकी समस्या हो सकती है। उन्होंने मामले की जानकारी लेने के लिए मोहद्दीपुर खंड कार्यालय का रुख किया। वहां पहुंचकर उन्होंने बकाया बिल का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बाद भी उनके घर की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई।
बिजली बिल जमा करने के बावजूद आपूर्ति शुरू नहीं होने से हरिकेश की परेशानी और बढ़ गई। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर समस्या के समाधान की मांग की। जांच के दौरान बताया गया कि उनके घर में लगा स्मार्ट मीटर जीनस कंपनी का पुराना मीटर है और उसका डाटा अब विभागीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से बिजली कनेक्शन को लेकर तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई थी।
विभाग की ओर से उपभोक्ता को बताया गया कि पुराने मीटर को बदलना जरूरी होगा। इसके बाद मोहद्दीपुर के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मीटर खंड से संपर्क किया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल नया मीटर लगाने के निर्देश दिए। विभागीय टीम ने शनिवार दोपहर हरिकेश के घर पहुंचकर पुराना मीटर हटाया और उसकी जगह नया मीटर स्थापित किया।
नया मीटर लगने के बाद घर की बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था और पुराने मीटरों के डाटा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता का कहना है कि यदि वह नियमित रूप से बिल जमा कर रहे हैं तो केवल मीटर के डाटा की तकनीकी समस्या के कारण बिजली कटना परेशानी पैदा करने वाला है।
गर्मी के मौसम में बिजली कटने से परिवार को काफी परेशानी हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच घर में बिजली नहीं रहने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद हो गए। खासकर दिन के समय बिजली नहीं होने के कारण परिवार के सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हरिकेश ने तत्काल विभागीय कार्यालय पहुंचकर समस्या के समाधान की कोशिश की, लेकिन बिल जमा करने के बाद भी बिजली नहीं आने से उन्हें अधिकारियों से संपर्क करना पड़ा।
मामले में राहत की बात यह रही कि अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय के हस्तक्षेप के बाद कुछ ही समय में समस्या का समाधान कर दिया गया। मीटर खंड से संपर्क कर नया मीटर लगवाया गया और इसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।
यह मामला स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं और उपभोक्ताओं के डाटा के रखरखाव की जरूरत को भी सामने लाता है। स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य बिजली खपत की सटीक निगरानी, बिलिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण करना है। लेकिन यदि पुराने मीटर का डाटा उपलब्ध न हो और इससे उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाए तो इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग को पुराने स्मार्ट मीटरों से जुड़े डाटा को सुरक्षित रखने और तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली कटौती की समस्या लोगों के लिए अधिक परेशानी पैदा करती है। ऐसे में तकनीकी कारणों से होने वाली बिजली बाधा का समाधान जल्द किया जाना जरूरी है।
हरिकेश के मामले में बिजली विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नया मीटर लगा दिया, लेकिन घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि पुराने स्मार्ट मीटरों का डाटा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अन्य उपभोक्ताओं को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है या नहीं। विभागीय अधिकारियों के लिए यह जरूरी होगा कि ऐसे मामलों की पहचान कर समय रहते समाधान किया जाए।
फिलहाल हरिकेश के घर में नया मीटर लगने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई है। नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ता को तकनीकी समस्या के कारण हुई परेशानी का समाधान तो हो गया, लेकिन स्मार्ट मीटर के डाटा और पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं में जागरूकता और विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय की जरूरत सामने आई है।