सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की दुर्घटना के मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम दुर्घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास करेगी।
दुर्घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसकी जांच विशेष टीम को सौंपने का निर्णय लिया है। डीजीपी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय एसआईटी का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की परिस्थितियों को समझना और यह पता लगाना है कि आखिर किन कारणों से वाहन हादसे का शिकार हुए।जांच के दौरान वाहनों की आवाजाही, सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा दुर्घटना के समय मौजूद लोगों से जानकारी लेकर घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।
काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की होगी जांच
इस मामले में महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दुर्घटना राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के साथ हुई थी। ऐसे में जांच के दौरान यह स्पष्ट करना भी आवश्यक होगा कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की काफिले से क्या दूरी थी और घटना के समय सड़क पर यातायात की स्थिति कैसी थी।एसआईटी वाहन चालकों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ सकती है। यदि घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो उनकी रिकॉर्डिंग भी जांच में उपयोगी साबित हो सकती है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार 26 अक्टूबर को राहुल गांधी लखनऊ से सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में पेश होने जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 10:15 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर क्षेत्र में माइलस्टोन 89.5 के पास काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं।बताया गया कि आगे चल रही एक निजी कार के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिसके बाद पीछे आ रहे वाहन एक-दूसरे से भिड़ गए। हादसे में चार कारों और एक एंबुलेंस के टकराने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि एसआईटी की जांच के बाद ही होगी।
आईजी किरण एस को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने जांच टीम की अध्यक्षता लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस को सौंपी है। टीम में सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और पुलिस उपाधीक्षक यातायात राम कृष्ण चतुर्वेदी को सदस्य बनाया गया है।एसआईटी को दुर्घटना के वास्तविक कारणों, सुरक्षा व्यवस्था, एस्कॉर्ट प्रबंधन और यातायात संचालन में संभावित लापरवाही की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं। टीम को जल्द से जल्द अपनी विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी।
हादसे में पूरी तरह सुरक्षित रहे राहुल गांधी
दुर्घटना के समय राहुल गांधी की गाड़ी टक्कर में शामिल नहीं थी। कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने भी उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है।दुर्घटना के बाद काफिला कुछ देर रुका और फिर सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। राहुल गांधी करीब 11:15 बजे अदालत पहुंचे। वह वर्ष 2018 से जुड़े मानहानि मामले में पेशी के लिए सुल्तानपुर गए थे।
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी दुर्घटना की वजह
इस घटना के बाद अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर हैं। जांच दल यह पता लगाएगा कि दुर्घटना केवल अचानक ब्रेक लगाने से हुई या सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की चूक भी इसके लिए जिम्मेदार थी।पुलिस प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के साथ भविष्य में वीआईपी काफिलों के आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उपाय तय करना भी है।
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