सलाखों के पीछे श्रद्धा दुबे की पहली रात, सुरक्षा में तैनात रहे जेलकर्मी
जेल में तय नियमों के अनुसार दिनचर्या
लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे की जिला जेल में पहली रात बेचैनी में गुजरने की जानकारी सामने आई है। जेल से संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि दुबे देर रात तक ठीक से सो नहीं सकीं। शुक्रवार सुबह उन्हें अन्य बंदियों की तरह निर्धारित नाश्ते में दलिया और चाय दी गई। दोनों बहनों और मामले में गिरफ्तार चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को जेल की सामान्य व्यवस्था तथा निर्धारित दिनचर्या के अनुसार रखा जा रहा है।
गुरुवार, 22 अक्टूबर को अदालत में पेश किए जाने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। श्रद्धा और रश्मि को महिला परिसर में, जबकि चालक को पुरुष परिसर में रखा गया। जेल अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, तीनों की सुरक्षा और गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। उन्हें जेल नियमों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने भी श्रद्धा के सामान्य बंदियों की तरह रहने की बात कही है।
पहली रात से जुड़े विवरण जेल सूत्रों के हवाले से प्रकाशित हुए हैं। इनके अनुसार, भोजन के बाद श्रद्धा और रश्मि काफी समय तक बैठकर बातचीत करती रहीं। बाद में दोनों अपने बिस्तर पर लेटीं, लेकिन नए माहौल और मच्छरों के कारण उनकी नींद प्रभावित हुई। इन विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें जेल से प्राप्त जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। दोनों बहनों की मानसिक स्थिति को लेकर इससे आगे कोई निष्कर्ष निकालने का आधार सामने नहीं आया है।
शुक्रवार सुबह श्रद्धा को दलिया और चाय दी गई। दिन के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी और चावल शामिल थे। जेल प्रशासन के अनुसार, भोजन और दिनचर्या की व्यवस्था निर्धारित नियमों के मुताबिक है। श्रद्धा की कथित महंगी जीवनशैली की तुलना जेल के भोजन से की जा रही है, लेकिन मामले का मुख्य विषय शिवा शर्मा की मौत और उससे जुड़े आरोपों की जांच है। किसी आरोपी के खानपान या रहन-सहन से अपराध में उसकी भूमिका का निर्धारण नहीं होता। इस मामले में भी निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
इस बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली की जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपों की गंभीर प्रकृति का उल्लेख किया। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए आरोपियों को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मामला नौ अक्टूबर को लखनऊ के प्राग नारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा की मौत से जुड़ा है। शिवा की मां रंजना शर्मा ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। परिवार का आरोप है कि शिवा के साथ मारपीट की गई और उन्हें नीचे फेंका गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। श्रद्धा ने अपना पक्ष रखते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
घटना के बाद आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस और एसटीएफ को महाराष्ट्र के नागपुर में सफलता मिली। जांच से संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल से पुलिस को संदिग्धों की आवाजाही के सुराग मिले। इसके बाद नागपुर के चिंचभुवन क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट तक टीम पहुंची। पुलिस ने वहां से श्रद्धा, उसकी बहन और चालक को गिरफ्तार किया। नागपुर की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें लखनऊ लाया गया और संबंधित अदालत में पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदले थे। जांचकर्ताओं ने यात्रा के रास्तों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई। नागपुर में उनकी आवाजाही का पता लगाने के लिए वाहन तथा ई-रिक्शा से संबंधित सुरागों की भी पड़ताल की गई। इन सूचनाओं को सीसीटीवी फुटेज से मिलाने के बाद अपार्टमेंट की पहचान हुई। हालांकि, गिरफ्तारी तक पहुंचने की यह जांच और शिवा की मौत में आरोपियों की कथित भूमिका अलग प्रश्न हैं। मौत की परिस्थितियों का निर्धारण संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण से होगा।
अब जांच का ध्यान घटना के क्रम, मोबाइल फोन और आरोपियों के बयानों पर है। पुलिस फोरेंसिक टीम की सहायता से घटनास्थल पर परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करने की तैयारी कर रही है। कुछ मोबाइल फोन की बरामदगी और कथित मददगारों की भूमिका की पड़ताल भी जारी है। शिवा के परिवार को जांच से मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल श्रद्धा समेत तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों तथा सुनवाई के आधार पर होगा।