कांग्रेस पर जमकर बरसे शिवराज सिंह चौहान, कर्जन और जिन्ना का नाम लेकर साधा निशाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। भारतीय जनता पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा से पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और समाज को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने भाषण में 1905 के बंगाल विभाजन और 1947 के भारत विभाजन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन की मौजूदा राजनीति की तुलना ऐतिहासिक घटनाओं से की।शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को बांटने की पहली साजिश 1905 में लॉर्ड कर्जन ने की थी और दूसरी 1947 में मोहम्मद अली जिन्ना ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन देश में विभाजन और अराजकता पैदा करने की तीसरी कोशिश कर रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा तथा विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक टकराव जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर लगातार चुनावी हार के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता का विश्वास जीतने के बजाय चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम पैदा कर रहा है। शिवराज ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव में नहीं हरा पाने के कारण विपक्ष अब दूसरे रास्ते अपनाने की कोशिश कर रहा है। शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र को अराजकता और हिंसा की राजनीति की ओर धकेलने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
लखनऊ में आयोजित पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और एनडीए के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पदयात्रा लोकभवन से शुरू होकर परिवर्तन चौक की ओर बढ़ी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और तिरंगे के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।शिवराज सिंह चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का बचाव करते हुए विपक्ष से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जो लोग दूसरे स्थानों पर चले गए हैं या जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं, उनके नामों की जांच और आवश्यक संशोधन होना चाहिए।उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी सवाल किया कि यदि किसी मतदाता का नाम दो स्थानों पर दर्ज है, तो क्या गलत प्रविष्टि हटाई जानी चाहिए या नहीं। शिवराज ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल फर्जी मतदाताओं और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के डर से एसआईआर का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है।शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार और असुरक्षा का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि लोग शाम के बाद घरों से निकलने में डरते थे। ये आरोप उनके राजनीतिक आकलन का हिस्सा थे।केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है। शिवराज ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और देश की जनता किसी भी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार बनाने के लिए जनता का विश्वास जीतना पड़ता है। उनके अनुसार, चुनावी हार के बाद सड़कों पर आंदोलन करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से सत्ता हासिल नहीं की जा सकती।शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और देश की जनता राजनीतिक स्थिरता चाहती है। उनका दावा था कि भाजपा और एनडीए राष्ट्रहित तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश में भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
पार्टी ने लखनऊ के अलावा बरेली और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी पदयात्राओं का कार्यक्रम तैयार किया है। बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी के साथ अभियान आयोजित किया गया। भाजपा की योजना इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने की है।फिलहाल शिवराज सिंह चौहान के बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कर्जन और जिन्ना का उदाहरण देकर कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन पर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।