कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में जेल भेजी गई शालू को पुलिस की जांच में क्लीनचिट मिलने के बावजूद फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शालू को हत्या के आरोप से मुक्त करते हुए मामले में अंतिम रिपोर्ट तैयार की, लेकिन समय पर अदालत में सुनवाई नहीं हो पाने के कारण उसे अभी दो दिन और जेल में रहना होगा। अब मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने शालू को आरोपी बनाया था। मामले में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को हत्या में शालू की संलिप्तता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे क्लीनचिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट तैयार की।

पुलिस की ओर से क्लीनचिट मिलने के बाद शालू और उसके परिवार को उम्मीद थी कि शुक्रवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा। परिवार के सदस्य दिनभर अदालत में इंतजार करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस की अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश होगी और उस पर सुनवाई के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

बताया जा रहा है कि मामले के विवेचक के अदालत में देरी से पहुंचने के कारण अंतिम रिपोर्ट पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इसी वजह से शालू की रिहाई की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई। पुलिस की जांच में हत्या के आरोप से राहत मिलने के बावजूद तकनीकी और अदालती प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण शालू को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ रहा है।

शुक्रवार को शालू के परिवार के लोग अदालत परिसर में मौजूद रहे। परिवार को उम्मीद थी कि अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने और अदालत में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शालू को जेल से बाहर लाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। हालांकि दिन बीतने के साथ उनकी उम्मीदों को झटका लगा और मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।

अब महीने का अंतिम शनिवार और रविवार होने के कारण अदालत में दो दिन का अवकाश रहेगा। इसके चलते मामले की अगली सुनवाई सोमवार को ही संभव हो सकेगी। इस दौरान शालू को जेल में रहना होगा। सोमवार को पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर अदालत में सुनवाई होने के बाद ही उसकी रिहाई को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान शालू को विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया था। बाद में विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और अन्य जानकारियों की पड़ताल की। इसके आधार पर जांच एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि शालू के खिलाफ हत्या के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। इसी के बाद उसे क्लीनचिट दी गई।

हालांकि पुलिस से क्लीनचिट मिलना और जेल से वास्तविक रिहाई होना दो अलग कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ा है। पुलिस की ओर से तैयार अंतिम रिपोर्ट को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना और उस पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। शुक्रवार को यही प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिससे शालू की रिहाई टल गई।

परिवार के लिए शुक्रवार का दिन काफी अहम था। पुलिस की जांच में राहत मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि शालू जल्द घर लौट आएगी। परिवार के सदस्य अदालत में इस इंतजार में रहे कि विवेचक अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे और मामले में सुनवाई होगी। विवेचक के देर से पहुंचने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और मामला सोमवार तक के लिए आगे बढ़ गया।

अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली अदालती कार्रवाई पर टिकी है। अदालत के सामने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। इसके बाद ही शालू की रिहाई से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

विनीत मिनोचा हत्याकांड में शालू की गिरफ्तारी के बाद मामला चर्चा में आया था। अब पुलिस द्वारा उसे क्लीनचिट दिए जाने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। जांच में आरोप से मुक्त होने के बावजूद अदालती प्रक्रिया में हुई देरी के कारण उसे अतिरिक्त समय जेल में बिताना पड़ रहा है।

फिलहाल शालू के परिवार को सोमवार का इंतजार है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर अदालत में सुनवाई के बाद आगे की कानूनी स्थिति साफ होगी। मामले में पुलिस की जांच और अदालत की आगामी कार्रवाई यह तय करेगी कि शालू की जेल से रिहाई की प्रक्रिया कब पूरी होती है।

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